कलकत्ता विवि ने संबद्ध कॉलेजों को दी चेतावनी, निर्धारित सीटों से अधिक दाखिले पर छात्रों का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता. उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद अब कलकत्ता विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को एक बार फिर से यह चेतावनी दी है कि निर्धारित सीटों से अधिक पर एडमिशन देने से छात्रों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जायेगा. सीमा से अधिक सीटों पर दाखिले का रजिस्ट्रेशन वैध नहीं माना जायेगा. इस सूचना के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कॉलेज इस नये नियम का अनुसरण कर रहे हैं.

यह जानकारी कॉलेजों के कुछ प्रिंसिपलों ने दी. उनका कहना है कि कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर (एकेडमिक) स्वागत सेन ने सभी कॉलेजों को हिदायत दी है कि वे सीटें न बढ़ाएं, नहीं तो छात्रों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जायेगा, इससे कॉलेजों व छात्रों दोनों को समस्या हो जायेगी.
वहीं कलकत्ता विश्वविद्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि हमारे पास ऐसा कोई अपडेट रिकार्ड नहीं है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि प्रत्येक एफिलियेटेड कॉलेजों में कितनी सीटें हैं. कुछ कॉलेजों का रिकार्ड है लेकिन राज्य में लगभग 150 कॉलेज हैं. कोई भी संस्थान, क्षमता से अधिक सीटों पर दाखिला ले रहा है कि नहीं अथवा एडमिशन को लेकर अव्यवस्थाओं को रोकना काफी कठिन काम है. कलकत्ता विश्वविद्यालय ने मई में घोषणा की थी कि छात्रों का दाखिला सीमा से ज्यादा होने पर अनुमति नहीं दी जायेगी. प्रत्येक कॉलेज को जो सीटें उपलब्ध करायी गयी हैं, उन्हीं पर दाखिला देना होगा. उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा था कि यूनिवर्सिटी को कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. एडमिशन के समय में कई शिकायतें की गयीं हैं. शिकायत यह भी है कि छात्र यूनियन के प्रतिनिधि दाखिला करवाने के लिए रिश्वत ले रहे हैं. सेंट्रल कोलकाता के 12 एफीलियेटेड कॉलेज, हावड़ा व दक्षिण 24 परगना के कुछ कॉलेजों में प्रथम वर्ष में गत वर्ष की तुलना में ज्यादा सीटों पर दाखिला लिया गया है. यूनिवर्सिटी ने इस बात के संकेत दिये हैं कि यह सूचना अपडेट नहीं की गयी है कि कितने छात्र एक-एक कॉलेज में लेने की अनुमति है.
सीयू के अंतरिम रजिस्ट्रार राजगोपाल धर चक्रवर्ती ने बताया कि 12 कॉलेजों का निरीक्षण एक टीम ने किया. वे भी इस टीम में शामिल थे. यूनिवर्सिटी से एफिलियेटेड 147 कॉलेजों में उपलब्ध डाटा अपर्याप्त हैं. अंतरिम रजिस्ट्रार अपनी रिपोर्ट 12 कॉलेजों की अपील पर वाइस चांसलर के पास जमा देंगे. उनका कहना है कि डाटा तुरंत अपडेट करने की जरूरत है.

कुछ मामलों में कॉलेजों में सीटों को लेकर कोई अपडेट सूचना नहीं दी गयी है. कॉलेज की स्थापना के समय से लेकर उनके तथ्य अधूरे हैं. शिक्षा मंत्री का कहना है कि जिन कॉलेजों ने अपील की है, वहां सुविधाएं बढ़ायी गयी हैं. कई कॉलेजों के पास स्थायी शिक्षक नहीं हैं. कई कॉलेजों में पर्याप्त क्लासरूम तक नहीं है. वहां सीटें बढ़ाने का कोई लाभ नहीं है. निरीक्षण टीम में शामिल यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे प्रशासन, दाखिला अव्यवस्थाओं को पूरी तरह से रोक सके.
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