सारधा घोटाले में सीबीआइ ने कसा शिकंजा: पूर्व डीजीपी रजत मजूमदार गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने मंगलवार को राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी-आम्र्ड पुलिस) व तृणमूल कांग्रेस नेता रजत मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसी ने मजूमदार को तीसरी बार पूछताछ के लिए सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआइ दफ्तर बुलाया था.

सारधा घोटाले में कथित संलिप्तता और जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के तुरंत बाद मजूमदार बीमार हो गये. उन्हें तत्काल एनआरएस अस्पताल ले जाया गया. इस बीच, सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद सृंजय बोस को पूछताछ के लिए बुलाया है.

क्यों हुई रजत मजूमदार की गिरफ्तारी: सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि रजत मजूमदार सारधा समूह से हर महीने 10 लाख रुपये बतौर वेतन लेते थे. सात लाख रुपये चेक से व तीन लाख रुपये नगदी वेतन के रूप में लेने के सबूत सीबीआइ के पास हैं. सारधा की ओर से प्रकाशित पत्रिका में उन्हें सारधा समूह का सलाहकार बताया गया था. इस बात का खुलासा हुआ है कि सारधा समूह के मालिक सुदीप्त सेन को नामचीन हस्तियों से मिलाने से लेकर वित्तीय अनियमितता में रजत मजूमदार का कथित हाथ था. सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, एक कार्यक्रम के आयोजन में सारधा कीतरफ से लिखित तौर पर चार करोड़ रुपये खर्च करने की बात सामने आयी थी, लेकिन कागजात की जांच करने पर एक करोड़ का ही हिसाब मिला.

जिससे यह साबित हो रहा था कि मजूमदार ने एक करोड़ रुपये खर्च कर अतिरिक्त तीन करोड़ सांसद कुणाल घोष से वसूल लिये थे. कथित तौर पर सारधा के विस्तार को लेकर सुदीप्त सेन की तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से मुलाकात मजूमदार ने ही करवायी थी. सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन व सांसद कुणाल घोष से पूछताछ में सीबीआइ को जानकारी मिली है कि रजत मजूमदार वास्तव में सारधा समूह के अघोषित मालिक थे. चूंकि वह आइपीएस अफसर थे, इसलिए उनकी पहुंच ऊंची हस्तियों तक थी. उन्होंने ही सारधा समूह के विस्तार की योजना बनायी थी.

सीबीआइ ने सारधा घोटाले में रजत मजूमदार के रूप में तीसरी गिरफ्तारी की है. उनसे पहले ईस्ट बंगाल क्लब के अधिकारी देबब्रत मजूमदार व व्यवसायी संधीर अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया.

मजूमदार हुए अस्वस्थ
कोलकाता. सारधा चिटफंड घोटाले में सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद पूर्व डीजीपी रजत मजूमदार अस्वस्थ हो गये. सीबीआइ से गिरफ्तारी संबंधित फरमान मिलने के बाद मजूमदार ने सीने में दर्द की शिकायत की. उन्होंने शिकायत की कि वह कुछ नहीं बोल पा रहे हैं. उन्हें एनआरएस अस्पताल ले जाया गया. उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग के आइसीयू में भरती किया गया है. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार बुधवार को उन्हें अलीपुर अदालत में पेश किया जायेगा. जांच एजेंसी उनकी रिमांड मांगेगी.

सीबीआइ अदालत से मजूमदार की हिरासत मांगेगी.

जांच सही दिशा में : सीबीआइ निदेशक
नयी दिल्ली/कोलकाता. सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने कहा कि सारधा चिटफंड की जांच सही रास्ते पर चल रही है. उन्होंने कहा कि जांच प्राय: अंतिम चरण में है. शीघ्र ही इसके परिणाम सामने आयेंगे. उन्होंने कहा कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआइओ) की रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया जायेगा. गौरतलब है कि सारधा मामले की एक साल से अधिक जांच के बाद एसएफआइओ ने अपनी पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. रिपोर्ट में विभिन्न इकाइयों द्वारा कंपनी कानून के खिलाफ किये गये तमाम उल्लंघनों का उल्लेख है. रिपोर्ट में निर्देश नहीं मान कर कार्य करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गयी है.

आसिफ खान से फिर हुई पूछताछ
सीबीआइ ने मंगलवार को दूसरे दिन तृणमूल कांग्रेस नेता आसिफ खान से पूछताछ की. गौरतलब है कि आसिफ खान ने सोमवार को पूछताछ के बाद कहा था कि मुकुल राय सहित अन्य नेताओं को भी सीबीआइ के सामने आना चाहिए तथा जांच एजेंसी से क्लीन चिट लेनी चाहिए. मंगलवार को पूछताछ के बाद आसिफ खान ने कहा कि वह खुद सीबीआइ के पास आये थे. जब भी जरूरत होगी, वह सीबीआइ के सामने हाजिर होने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मुकुल राय उनके भाई की तरह हैं. कभी भी उनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मुकुल राय ने नहीं किया. उनके अकाउंट में मात्र 10 हजार रुपये हैं. सीबीआइ ने मंगलवार को भी तृणमूल कांग्रेस से निलंबित सांसद कुणाल घोष से पूछताछ की. दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उर्दू अखबार कलम के संपादक व तृणमूल कांग्रेस के सांसद अहमद हसन इमरान से भी पूछताछ की.

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