Amar Jyoti Chit Fund Scam: यूपी के बरेली और बदायूं में 200 करोड़ रुपये की महाठगी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है. अमर ज्योति चिटफंड कंपनी खोलकर सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई लूटकर 15 महीने से फरार चल रहे दो इनामी सगे भाइयों सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. 50-50 हजार रुपये के इनामी इन शातिर ठगों में से मुख्य आरोपी सूर्यकांत पूर्व में भाजपा महानगर इकाई का मंत्री भी रह चुका है. पुलिस अब इनके तीसरे फरार भाई की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
भाजपा में पदाधिकारी रह चुका है मुख्य आरोपी
गिरफ्तार आरोपी सूर्यकांत बरेली के कटरा चांद खां मोहल्ले का रहने वाला है. वह भाजपा की बरेली महानगर इकाई में मंत्री के पद पर भी रह चुका है. चिटफंड ठगी का मामला सामने आने के बाद पार्टी ने उसे पद से हटा दिया था.
अमर ज्योति चिटफंड के नाम पर बनाया ठगी का जाल
सूर्यकांत, शशिकांत और श्रीकांत तीनों भाइयों ने करीब 10 साल पहले अमर ज्योति नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी. कंपनी के जरिए लोगों को पैसा जमा करने पर दो से तीन गुना तक मुनाफा देने का लालच दिया गया. आरोपियों ने बरेली से लेकर बदायूं तक 200 से ज्यादा एजेंट बनाए थे. इन एजेंटों के जरिए दर्जनों शिक्षकों, वकीलों, महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया. निवेशकों को किसी को 6 साल तो किसी को 8 साल में पैसा डबल करने का वादा किया गया था. इसी तरह धीरे-धीरे कंपनी ने बड़ी संख्या में लोगों को अपने जाल में फंसा लिया.
मार्च-अप्रैल में कार्यालयों पर ताला लगाकर हुए फरार
पिछले साल मार्च-अप्रैल में कंपनी ने अचानक अपने सभी कार्यालयों पर ताला लगा दिया और तीनों भाई फरार हो गए. इसके बाद जून 2025 में दर्जनों निवेशकों ने बदायूं में सराय स्थित कंपनी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. बरेली में भी निवेशकों ने आरोपियों के घर का घेराव किया, लेकिन तीनों भाई पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए. शुरुआत में पुलिस पर टालमटोल के आरोप लगे, लेकिन प्रदर्शन बढ़ने के बाद बदायूं में गबन, धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज किए गए. इसके बाद बरेली में भी आरोपियों के खिलाफ चार केस दर्ज हुए.
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, दोनों पर घोषित हुआ था इनाम
मुख्य आरोपी लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे. दोनों ने हाईकोर्ट में भी अर्जी लगाई, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली. इसके बाद 1 जुलाई 2025 को डीआईजी ने सूर्यकांत और शशिकांत पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया. दोनों की तलाश के लिए एसटीएफ की नोएडा यूनिट को भी लगाया गया था.
लखनऊ में STF और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तारी
मंगलवार सुबह एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर लखनऊ में दबिश दी. इस दौरान दोनों भाइयों शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उनके पास से कई पासबुक, स्कैनर, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं. एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि कंपनी के 8 एजेंट पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. जांच के दौरान कुछ अन्य एजेंटों की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, इन एजेंटों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. वहीं, पुलिस अब तीसरे भाई श्रीकांत की तलाश में जुटी है.
