ज्ञानवापी मस्जिद में मिले मंदिरों के साक्ष्य, हिंदू देवताओं की मूर्तियां पाए गए, ASI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 25 Jan 2024 10:51 PM
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा वाराणसी जिला अदालत में जमा की गयी ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया, मंदिर के अवशेषों के साथ-साथ हिंदू देवताओं की मूर्तियां भी पाए गए.
ज्ञानवापी मस्जिद वहां पहले से मौजूद मंदिर के अवशेषों पर बनी है. इस बात का खुलासा, ASI रिपोर्ट में हुआ है. हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने एएसआई सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ASI ने कहा है कि मौजूदा ढांचे के निर्माण से पहले वहां एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था.
मंदिर के अवशेषों पर बनी थी ज्ञानवापी मस्जिद
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने गुरुवार को कहा कि भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वेक्षण रिपोर्ट से संकेत मिला है कि ज्ञानवापी मस्जिद वहां पहले से मौजूद एक पुराने मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी. जैन ने बताया कि एएसआई की 839 पन्नों वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रतियां गुरुवार देर शाम अदालत द्वारा संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गईं.
ASI ने माना संरचना के निर्माण से पहले वहां हिंदू मंदिर मौजूद था
ASI रिपोर्ट में कहा गया है, वैज्ञानिक अध्ययन/सर्वेक्षण में वास्तुशिल्प अवशेषों, कलाकृतियों शिलालेखों, कला और मूर्तियों का अध्ययन किया गया, यह कहा जा सकता है कि मौजूदा संरचना के निर्माण से पहले वहां एक हिंदू मंदिर मौजूद था.
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh | Advocate Vishnu Shankar Jain, representing the Hindu side, gives details on the Gyanvapi case.
He says, "The ASI has said that Sculptures of Hindu deities and carved architectural members were found buried under the dumped soil…… pic.twitter.com/0qZ49HBOcL
— ANI (@ANI) January 25, 2024
मस्जिद पूर्व में मौजूद मंदिर को तोड़कर उसके अवशेषों पर बनाई गई
जैन ने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि मस्जिद पूर्व में मौजूद मंदिर को तोड़कर उसके अवशेषों पर बनाई गई थी. उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में मंदिर के अस्तित्व के पर्याप्त सबूत मिलने की बात कही गई, जिस पर मस्जिद का निर्माण किया गया था. हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर ने कहा, ASI ने कहा है कि वहां पर 34 शिलालेख है जहां पर पहले से मौजूद हिंदू मंदिर के थे. जो पहले हिंदू मंदिर था उसके शिलालेख को पुन: उपयोग कर ये मस्जिद बनाया गया. इनमें देवनागरी, ग्रंथ, तेलुगु और कन्नड़ लिपियों में शिलालेख मिले हैं. इन शिलालेखों में जनार्दन, रुद्र और उमेश्वर जैसे देवताओं के तीन नाम मिलते हैं.
ज्ञानवापी मस्जिद में हिंदू देवताओं की मूर्तियां भी पाए गए
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा वाराणसी जिला अदालत में जमा की गयी ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया, मंदिर के अवशेषों के साथ-साथ हिंदू देवताओं की मूर्तियां भी पाए गए.
मस्जिद में जो खंभे लगे हुए हैं वो हिंदू मंदिर के थे
वकील विष्णु शंकर ने कहा, ASI ने कहा है कि मस्जिद में जो खंभे लगे हुए हैं वो हिंदू मंदिर के थे जिन्हें पुन: उपयोग किया गया। मतलब हिंदू मंदिर के खंभे को मॉडिफाई किया गया.
ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट की प्रतिलिपि हासिल करने के लिए 11 लोगों ने किया था आवेदन
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा वाराणसी जिला अदालत में जमा की गयी ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट की प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए गुरुवार को हिन्दू और मुस्लिम पक्ष की ओर से कुल 11 लोगों ने आवेदन किया था. एएसआई ने 18 दिसंबर को सीलबंद लिफाफे में अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट जिला अदालत को सौंपी थी.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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