Jharsuguda News: झारसुगुड़ा सदर ब्लॉक के अंतर्गत श्रीपुरा गांव के सैकड़ों निवासियों ने जिलाधीश कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर एप्सिलॉन कार्बन कंपनी द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया. साथ ही वन विभाग तथा राजस्व अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जतायी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन से बार-बार शिकायत के बावजूद कंपनी खाता संख्या 178 और प्लॉट संख्या 427 के तहत वन भूमि का अवैध रूप से उपयोग कर रही है. उन्होंने दावा किया कि संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) और तहसीलदार कार्रवाई करने में विफल रहे, जिससे कंपनी को अनुचित लाभ दिए जाने का संदेह पैदा हो रहा है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, ग्रामीणों ने पहले केंद्र की ‘एक पेड़ मां के नाम’ योजना के तहत विवादित भूमि पर हजारों पौधे लगाये थे, लेकिन तहसीलदार की उपस्थिति में वृक्षारोपण और बैरिकेड्स हटा दिए गये. इसके बाद, 15 जनवरी को आयोजित एक ग्राम सभा में सर्वसम्मति से वृक्षारोपण और सार्वजनिक कल्याण उद्देश्यों के लिए भूमि वापस लेने का निर्णय लिया गया. सरपंच यशोबंती पांडे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर वन भूमि से कंपनी को तुरंत बेदखल करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो वे मुख्यमंत्री की शिकायत सुनवाई में जाकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे. जिला परिषद सदस्य दिगंबर भोई, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे.
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