Rourkela News: राउरकेला इस्पात संयंत्र में फैसले लेने में महिलाएं निभा रहीं अहम भूमिका

Rourkela News: आरएसपी में 650 महिलाएं संचालन, इंजीनियरिंग, प्रशासन और समर्थन कार्यों में सक्रिय योगदान दे रही हैं.

Rourkela News: स्टील जैसे पुरुष-प्रधान उद्योगों में महिलाएं अब केंद्रबिंदु बन रही हैं. राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के विशाल विस्तार में लगभग 650 महिलाएं संचालन, इंजीनियरिंग, प्रशासन और समर्थन कार्यों में सक्रिय योगदान दे रही हैं. ये महिलाएं न केवल भागीदार हैं, बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं और भूमिकाओं को नये सिरे से परिभाषित कर रही हैं.

पीपीसी विभाग में महिलाओं की एक समर्पित टीम कार्यरत

आरएसपी का उत्पादन, योजना एवं नियंत्रण (पीपीसी) विभाग में महिलाओं की एक समर्पित टीम सांख्यिकी और योजना के केंद्र में कार्यरत है, जो वार्षिक व्यापार योजनाओं से लेकर दीर्घकालिक रणनीतियों, उत्पादन पूर्वानुमानों और कॉरपोरेट डैशबोर्ड के लिए एमआइएस इनपुट तक सब कुछ सुनिश्चित करती है. मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) सुनीता सिंह का गतिशील नेतृत्व इस टीम को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करता है. सहायक महाप्रबंधक नमिता सेनापति, वरिष्ठ प्रबंधक मित्रबिंदा पृष्टि और सहायक प्रबंधक जेमामणि टोपोपो योजना, विश्लेषण व निरीक्षण संभाल रही हैं. कंचन प्रभा राउत, अर्चना सेठी, सरिता एक्का, मीनाक्षी शेखर देव, कविता नायक और लक्ष्मी बड़ाइक जैसी सहयोगी डेटा प्रबंधन व जमीनी इनपुट प्रदान कर रही हैं.

डेटा की निरंतरता सुनिश्चित करती हैं अर्चना

अर्चना सेठी आयरन-स्टील जोन (कच्ची सामग्री हैंडलिंग प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट, स्टील मेल्टिंग शॉप) की देखरेख करती हैं. 2021 से पीपीसी में जुड़ीं अर्चना दैनिक, मासिक, वार्षिक और संयंत्र-स्थापना-कालीन सांख्यिकीय रिकॉर्ड बनाये रखती हैं, डेटा की निरंतरता सुनिश्चित करती हैं. सात माह के बच्चे की मां होने के बावजूद, वह घर-कार्यालय संतुलित रखती हैं. वह कहती हैं कि मुझे महत्वपूर्ण निर्णयों में योगदान देने वाली टीम का हिस्सा होने पर गर्व है. वहीं कंचन प्रभा राउत मिल्स जोन (हॉट स्ट्रिप मिल, प्लेट मिल, न्यू प्लेट मिल, पाइप प्लांट) के सांख्यिकीय रिकॉर्ड संभालती हैं. इसमें क्लोजिंग स्टॉक सत्यापन, साइट विजिट से डिस्पैच जांच और तकनीकी-आर्थिक मापदंड (जैसे कोयला-गर्म धातु अनुपात, संयंत्र दक्षता) की निगरानी शामिल है. लक्ष्मी बड़ाइक प्रदर्शन ट्रैकिंग करती हैं.

आरएसपी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 6% तक पहुंचा

सरिता, मीनाक्षी और कविता जैसी कई सदस्यों ने औपचारिक तकनीकी प्रशिक्षण के बिना शुरुआत की. आरएसपी की सीखने-विकास पहलों से कंप्यूटर कौशल हासिल कर आज डेटा फीडिंग व सिस्टम कार्य संभाल रही हैं. 2012 में स्नातक होते ही शामिल हुईं मीनाक्षी ने एसएमएस-I और एसएमएस-II के रिकॉर्ड संभाले. वे बताती हैं कि शुरुआत में अपरिचित थी, लेकिन कदम-दर-कदम सीखा. ये महिलाएं साबित कर रही हैं कि सही डेटा से दिशा सही होती है. आरएसपी में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 6% तक पहुंचा है, 124 महिला अधिकारी व 557 गैर-कार्यकारी सक्रिय हैं. स्टील उद्योग में यह बदलाव लैंगिक समानता की मिसाल है, जहां महिलाएं आत्मविश्वास से भविष्य रच रही हैं.

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Published by: Bipin kumar yadav

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