Rourkela News: समाज कल्याण के लिए तार्किक सोच और जिम्मेदारीपूर्ण जीवन का संकल्प लें युवा : प्रो मंडल

Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ‘विज्ञान का जादू’ शीर्षक कार्यक्रम संपन्न हुआ.

Rourkela News: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), राउरकेला ने शनिवार को ‘पार्टिकल हंटर्स गाइड’ पर एक सेमिनार और प्रदर्शनी आयोजित कर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2026 को उत्साहपूर्वक मनाया. ‘विज्ञान का जादू’ शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी का आयोजन एनआइटी राउरकेला के एएनआरएफ पीएआइआर और एसएएचइइ (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, हेल्थ, एनर्जी और एनवायरनमेंट) कंसोर्टियम के तहत किया गया.

एनआइटी के विद्यार्थी, फैकल्टी और विभिन्न स्कूलों के 400 से अधिक बच्चों ने भाग लिया

विज्ञानश्री अवॉर्डी प्रो एनके मंडल (सीनियर साइंटिस्ट, इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी) ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इसमें एनआइटी के विद्यार्थी, फैकल्टी, कर्मचारी और विभिन्न स्कूलों के 400 से अधिक स्कूली बच्चों ने भाग लिया, जिसने वैज्ञानिक शिक्षा और संवाद के लिए एक उत्कृष्ट मंच तैयार किया. एनआइटी के आरएम हॉल में सुबह 10:00 से 10:30 बजे तक विज्ञान दिवस प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ. एनआइटी के शोधकर्ताओं ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विकास में प्रगति को दर्शाती 12 नयी प्रदर्शनियां प्रस्तुत कीं, जो समाज से गहरायी से जुड़ी हैं. उसके बाद भुवनेश्वर बेहेरा ऑडिटोरियम में कार्यक्रम चला. डॉ मोनालिसा पटनायक (इंस्टीट्यूट सेमिनार की इंचार्ज प्रोफेसर) ने स्वागत भाषण दिया. प्रो एसके प्रतिहार (प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एएनआरएफ-पीएआइआर, एनआइटी राउरकेला) ने एएनआरएफ फ्रेमवर्क के तहत संयुक्त शोध की महत्वपूर्णता पर बल दिया. प्रो के उमामहेश्वर राव (डायरेक्टर, एनआइटी राउरकेला), प्रो रोहन धीमान (रजिस्ट्रार, एनआइटी राउरकेला), प्रो ज्योति प्रकाश कर (एचओडी, फिजिक्स) और प्रो हनुमंत राव बी ने मंच पर उपस्थित होकर विज्ञान दिवस पर विचार व्यक्त किये.

रमन इफेक्ट की खोज की याद में मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण‘पार्टिकल हंटर्स गाइड’ पर सेमिनार था, जिसे मुख्य अतिथि प्रो एनके मंडल ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस सर सीवी रमन की रमन इफेक्ट की खोज की याद में मनाया जाता है और वैज्ञानिक जांच की भावना का उत्सव है. इस दिन हमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने की याद दिलानी चाहिए. आज जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के दौर में यह सोच अत्यंत आवश्यक है. वैज्ञानिक आंकड़े स्पष्ट रूप से वैश्विक तापमान वृद्धि, पिघलते हिमनद, समुद्र स्तर में वृद्धि और चरम मौसम परिवर्तनों को दर्शाते हैं. यह राय का विषय नहीं, बल्कि दशकों के अवलोकनों पर आधारित है. समाधान के लिए सोच-समझकर निर्णय, जिम्मेदार नीतियां और दैनिक क्रियाएं जरूरी हैं. इस राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर समाज व ग्रह के कल्याण के लिए तार्किक सोच और जिम्मेदारीपूर्ण जीवन का संकल्प लें.

प्रयोग में ‘असफलता’ वास्तव में सफलता की ओर मूल्यवान डेटा बिंदु है

डायरेक्टर प्रो के उमामहेश्वर राव ने संदेश दिया कि विज्ञान परीक्षण-असफलता का सफर है. प्रयोग में ‘असफलता’ वास्तव में सफलता की ओर मूल्यवान डेटा बिंदु है. भारत रत्न सर सीवी रमन ने सिखाया कि विज्ञान का अर्थ सटीक उपकरण नहीं, बल्कि सटीक अवलोकन और निडर इरादा है. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस तीन आधारों की याद दिलाता है, विज्ञान में मानवीय तत्व लाना, क्रिटिकल थिंकिंग के साथ एआइ साक्षरता बढ़ाना और वास्तविक चुनौतियों का समाधान. एआइ त्वरक हो सकता है, किंतु भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान मूल ईंधन हैं. प्रो हनुमंत राव बी ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

प्रदर्शनी के विषय

प्रदर्शनी के विषयों में एलडीआर-बेस्ड ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट सिस्टम, ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड से पानी का इलेक्ट्रोलिसिस, लाइट-एक्टिवेटेड हाइड्रोजन जेनरेशन, पीजो डांस फ्लोर, सोलर-एक्टिवेटेड एलइडी डिस्प्ले, फेशियल मूवमेंट-बेस्ड मोटर कंट्रोल, पेस्टिसाइड स्प्रेइंग के लिए एग्रीकल्चरल क्वाडकॉप्टर ड्रोन, प्लांट म्यूजिक, इइजी, क्रॉलिंग बिहेवियरल एसे पर डायबिटीज पता लगाना, सेव द लेक मिशन और पेपर क्रोमैटोग्राफी से डाई सेपरेशन शामिल थे. इन प्रदर्शनों ने युवाओं को प्रेरित किया, हैंड्स-ऑन लर्निंग प्रदान की. यह आयोजन युवा वैज्ञानिक मनों को प्रोत्साहित कर शोध-आधारित समाधानों पर जोर देता है.

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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