Rourkela News: बिसरा स्थित नया बस्ती में शनिवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेल लाइन के किनारे बने कुछ मकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. इस दौरान 12-15 मकान तोड़े जाने की सूचना है. यह कार्रवाई राउरकेला-रांची रेल लाइन निर्माण कार्य को लेकर की गयी. सुबह से ही नया बस्ती रेल लाइन के पास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया.
रेल प्रशासन से मदद नहीं मिलने का लोगों ने लगाया आरोप
सूत्राें का कहना है कि रेलवे की ओर से जिस जमीन पर बुलडोजर चलाया गया, वह पट्टा की जमीन है. रेल प्रशासन द्वारा संबंधित जमीन मालिकों को मुआवजा दिये जाने की बात कही गयी है. हालांकि, उक्त जमीन पर लंबे समय से रह रहे लोगों का कहना है कि उन्हें न तो ये संबंधित जमीन जिसके नाम है, उससे किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है और न ही रेल प्रशासन की तरफ से कोई मदद प्रदान की गयी है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, वे वर्षों से वहां निवास कर रहे हैं, लेकिन विस्थापन की स्थिति में उन्हें अब तक पुनर्वास या आर्थिक सहयोग के संबंध में कोई सहयोग नहीं मिला है. ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. इस कार्रवाई के तहत भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर मकानों को जमींदोज किया गया.
पूर्व में जारी की गयी थी नोटिस, नियमानुसार हुई कार्रवाई : अधिकारी
प्रशासन का कहना है कि घरों को तोड़ने के लिए पूर्व में नोटिस जारी की जा चुकी थी और नियमानुसार ही कार्रवाई की गयी है. कार्रवाई के दौरान आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अग्नि देव प्रसाद, डीएसपी जितेंद्रनाथ सेठी तथा बिसरा थाना प्रभारी मनोरंजन कुंभकार सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. रेलवे की ओर से यहां अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सख्ती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान रमजान का महीना चल रहा है और बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं भी जारी हैं. ऐसे में उन्होंने दो महीने की मोहलत की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई विचार नहीं किया गया.
