प्रतिनिधि, नोवामुंडी
पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के ताड़ेया गांव के हामसादा टोला में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) की ओर से विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया. मलेरिया और फाइलेरिया रोकथाम अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में मेडिकल टीम खराब और कठिन रास्तों से गुजरकर गांव पहुंची और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं.
शिविर में 121 ग्रामीणों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें चार लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए. सभी संक्रमित लोगों को तुरंत दवा देकर इलाज शुरू किया गया. स्वास्थ्य टीम ने घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की और परिवारों को एलएलआईएन मच्छरदानियां बांटीं. स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को मच्छरदानी के सही इस्तेमाल, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और समय पर जांच कराने के बारे में जागरूक किया.
अंधविश्वास छोड़ समय पर इलाज कराने की अपील
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में अभी भी कुछ लोग बीमारी के समय झाड़-फूंक और पूजा-पाठ पर भरोसा करते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि बुखार या किसी भी बीमारी की स्थिति में अंधविश्वास से बचें और तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
अधिकारियों ने स्वास्थ्य टीम के प्रयासों को सराहा
कार्यक्रम का निरीक्षण सिविल सर्जन जुझार मांझी और मलेरिया विभाग के शशि रंजन महतो ने किया. अधिकारियों ने कहा कि दूर-दराज के इलाकों में बीमारी रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर जरूरी हैं. ग्रामीणों ने भी कठिन परिस्थितियों में गांव पहुंचकर सेवा देने के लिए एएनएम, सहिया, एमपीडब्ल्यू और टीएसएफ की टीम की सराहना की.
इस मौके पर सीएचसी प्रभारी बड़ा जामदा डॉ. प्रिंस पिंगुआ, डॉ. कुशल कुमार साहू (टीएसएफ), डॉ. नागमणि बेहरा, चिंतामणि गोप, अभिषेक कुमार, प्रवीण कुमार, कमल सिंकू सहित स्वास्थ्य विभाग और टीएसएफ की टीम मौजूद रही.
