सिमडेगा: कुटमाकछार से सिमडेगा तक 67 किलोमीटर मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति से आम लोगों को परेशानी हो रही है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं, जिससे आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. समस्या के समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धानंद बेसरा के नेतृत्व में चार दिवसीय पदयात्रा सह हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है.
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 13 सितंबर को कुरडेग से करंगागुड़ी, 14 सितंबर को करंगागुड़ी से कोचेडेगा और 15 सितंबर को कोचेडेगा से सिमडेगा तक पदयात्रा निकाली जायेगी. अभियान के दौरान गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से संवाद कर सड़क की स्थिति और उनकी समस्याओं की जानकारी ली जा रही है. ग्रामीण भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.
श्रद्धानंद बेसरा ने बताया कि लोगों में स्टेट हाइवे की बदहाली को लेकर काफी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले सिमडेगा से कुटमाकछार की दूरी कम समय में तय हो जाती थी, लेकिन सड़क खराब होने से अब तीन से चार घंटे लग रहे हैं. इससे आवागमन के साथ दैनिक जनजीवन भी प्रभावित है.
बेसरा ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य केवल लोगों को जागरूक करना नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की मांग को मजबूती से उठाकर समाधान के लिए दबाव बनाना है.
