सिमडेगा: अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो के तत्वावधान में विकास केंद्र में अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो, सिमडेगा एवं रांची खड़िया महासभा की संयुक्त बैठक हुई. इसमें खड़िया समाज की जनगणना, भाषा के डिजिटलीकरण, अखिल भारतीय खड़िया यूथ सम्मेलन समेत समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी.
बैठक में अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो सिमडेगा के पूर्व महासोहोर पात्रिक कुलकांत केरकेट्टा, महासोहोर रजत कुमार टेटे, समिति के सदस्य, रांची खड़िया महासभा के महासोहोर कुलभूषण, फादर एफ्रेम, अजीत तथा छोटानागपुर खड़िया छात्र संघ, रांची के अध्यक्ष समेत खड़िया युवा शामिल हुए.
जनगणना से सामने आयेगी समाज की वास्तविक स्थिति
बैठक का संचालन करते हुए पूर्व कोषाध्यक्ष सुमन कुल्लू ने खड़िया जाति की जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समुदाय की वास्तविक संख्या और स्थिति सामने लाने के लिए जनगणना जरूरी है. समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को दूर करने के साथ पहचान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है.
महासोहोर रजत कुमार टेटे ने कहा कि खड़िया समाज को अपनी जातीय पहचान के साथ भाषा, संस्कृति और नई पीढ़ी के संरक्षण पर ध्यान देना होगा. रांची से पहुंचे महासोहोर कुलभूषण ने सामाजिक चुनौतियों और जनगणना के महत्व पर विचार रखे. फादर एफ्रेम ने समाजहित में निष्ठा के साथ कार्य करने की अपील की.
मीडिया प्रभारी विकास ने भाषा के डिजिटलीकरण की जानकारी दी. ब्रीसियुस ने युवाओं को भाषा और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया. बैठक में सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे.
