कार्तिक द्विवेदी की रिपोर्ट
जलडेगा (सिमडेगा): बांसजोर प्रखंड क्षेत्र के टेंगराटुकु से उरते होते हुए गिनीकेरा स्थित एनएच-143 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल हो गई है. जगह-जगह सड़क टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है. बारिश के कारण कई हिस्सों में सड़क का कटाव भी हो गया है. इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. करीब नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क से रोजाना आसपास के कई गांवों के लोग प्रखंड मुख्यालय और एनएच-143 तक आते-जाते हैं.
उरते बाजारटांड़ के पास सड़क का बड़ा हिस्सा कटा
सड़क की सबसे खराब स्थिति उरते बाजारटांड़ के समीप बनी हुई है. बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा कट गया है. गहरा कटाव होने से इस हिस्से में चारपहिया वाहनों का आवागमन लगभग पूरी तरह बाधित हो गया है. वहीं, दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर किसी तरह इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं.
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ग्रामीणों के अनुसार, टेंगराटुकु से उरते होते हुए गिनीकेरा तक करीब नौ किलोमीटर लंबी सड़क में सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं. यह सड़क टेंगराटुकु, रोया मुंडा, उरते, गोड़टोली और गंझूटोली समेत आसपास के कई गांवों को प्रखंड मुख्यालय और एनएच-143 से जोड़ती है. ऐसे में सड़क की बदहाली का सीधा असर ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही पर पड़ रहा है.
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सबसे अधिक परेशानी
जर्जर सड़क के कारण सबसे अधिक परेशानी बीमार और जरूरतमंद मरीजों को उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस के समय पर पहुंचने में भी दिक्कत होती है. गंभीर मरीजों को जामडीह के रास्ते लंबी दूरी तय कर अस्पताल ले जाना पड़ता है. इससे इलाज में देरी होने के साथ परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई पहल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रा
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