सराहनीयः मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनेंगे बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चे

सिमडेगा में बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शुरू किया गया. जानें पूरी जानकारी.

सिमडेगा: बाल संप्रेक्षण गृह में आवासित बच्चों को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है. ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार और जेएसएलपीएस, सिमडेगा के सहयोग से पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त कंचन सिंह ने किया. प्रशिक्षण आठ से 12 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा.

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को मशरूम उत्पादन की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी. जेएसएलपीएस द्वारा चयनित सखी मंडल की पांच दीदियां बच्चों को मशरूम तैयार करने, उसकी देखभाल, पैकेजिंग, बिक्री और बाजार की जानकारी देंगी. इसके साथ ही उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने, व्यवसाय की संभावनाओं और व्यवसाय संचालन के बारे में भी बताया जाएगा.

प्रशिक्षण को भविष्य संवारने का अवसर मानें बच्चे : डीसी

मौके पर उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि बच्चे इस प्रशिक्षण को केवल पांच दिनों की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में लें. परिस्थितियां चाहे जैसी रही हों, भविष्य को नई दिशा देने का अवसर हमेशा मौजूद रहता है. प्रशासन का उद्देश्य है कि बाल संप्रेक्षण गृह से बाहर निकलने के बाद बच्चों के पास ऐसा हुनर हो, जिससे वे रोजगार या स्वरोजगार से जुड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें.

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उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में शुरू किया जा सकने वाला बेहतर स्वरोजगार है. उपायुक्त ने बच्चों से प्रशिक्षण को पूरी लगन और मेहनत से लेने तथा महत्वपूर्ण जानकारियों को नोट करने की अपील की. उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए ऋण और वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी.

उत्पादन के साथ बाजार की समझ भी जरूरी

डीपीएम, जेएसएलपीएस ने कहा कि बच्चों को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाना प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है. वहीं आरसेटी के फैकल्टी नीतीश अनिरुद्ध लकड़ा ने कहा कि व्यवसाय के लिए केवल उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की समझ भी जरूरी है. बच्चों को बाजार, बिक्री, व्यवसाय संचालन और बैंक ऋण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाएगी. मौके पर बाल संरक्षण पदाधिकारी सुमित्रा बड़ाईक सहित बाल संप्रेक्षण गृह के अन्य कर्मी उपस्थित थे.

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By Ravikant

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