पानी के लिये इधर उधर भटकते हैं विद्यार्थीफोटो फाइल:26एसआइएम:9-खराब चापानल के पास खड़े बच्चे.प्रतिनिधिठेठइठांगर(सिमडेगा). प्रखंड के राजाबासा स्थित जीइएल मध्य विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. विद्यार्थियों को पेयजल के लिये इधर-उधर भटकना पड़ता है. विद्यालय परिसर में दो चापानल लगाये गये थे. किंतु दोनों चापानल काफी दिनों से खराब पड़े हैं. विद्यार्थी कुएं का दूषित पानी पीने को विवश हैं. विद्यालय में अन्य समस्याएं भी मुंह बाय खड़ी है. 112 साल पुराने इस विद्यालय में शौचालय की स्थिति काफी जर्जर है. विद्यार्थियों को शौच के लिये बाहर जाना पड़ता है. विद्यालय की घेराबंदी नहीं होने के कारण विद्यार्थी व शिक्षक-शिक्षिका असुरक्षित महसूस करते हैं. विद्यालय की स्थापना 1903 में हुई थी. तब से अब तक सुविधाविहीन है यह विद्यालय. भवन तो बना दिये गये, किंतु कमरे इतने कम हैं कि एक ही कमरा में दो-दो कक्षाओं का संचालन करना पड़ता है. यहां तक कि प्रधानाध्यापक के चेंबर में भी बच्चों को पढ़ाया जाता है. उक्त समस्याओं के कारण बच्चों व शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों के अभिभावक भी चिंतित हैं. लोगों ने पेयजल सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को शीघ्र दूर करने की मांग की है.
स्कूल में पेयजल की समस्या
पानी के लिये इधर उधर भटकते हैं विद्यार्थीफोटो फाइल:26एसआइएम:9-खराब चापानल के पास खड़े बच्चे.प्रतिनिधिठेठइठांगर(सिमडेगा). प्रखंड के राजाबासा स्थित जीइएल मध्य विद्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. विद्यार्थियों को पेयजल के लिये इधर-उधर भटकना पड़ता है. विद्यालय परिसर में दो चापानल लगाये गये थे. किंतु दोनों चापानल काफी दिनों से खराब पड़े […]
