सनातन परंपरा विश्व के कल्याण का मार्ग है: गोपाल जी

प्रखंड मैदान में रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी.

ठेठईटांगर. प्रखंड मैदान में रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया. इस दौरान अतिथियों का स्वागत कर उन्हें अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मुख्य वक्ता प्रांत संघ प्रचारक गोपाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन परंपरा विश्व के कल्याण का मार्ग है. उन्होंने कहा कि सनातन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है बल्कि प्रकृति की पूजा भी इसकी मूल भावना है. पेड़-पौधे, नदियां, सूर्य, चंद्रमा एवं जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान सनातन संस्कृति की पहचान है. उन्होंने लोगों से परिवार, प्रकृति संरक्षण, समरसता और मानव सेवा को जीवन में अपनाने का आह्वान किया.

संत उमाकांत जी महाराज ने कहा कि सनातन सत्य है. जो प्रेम, भाईचारा और एकता का संदेश देता है. उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाने और राम नाम के महत्व पर प्रकाश डाला.

विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही सनातन की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने बच्चों को धर्मग्रंथों और देश के महापुरुषों के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया. इस अवसर पर पूर्व मुखिया बंधु मांझी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे. कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए पुरोहितों, पहान पुजारों एवं समाज के अग्रजों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के अंत में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया.

एक परिवार की हुई घर वापसी

सम्मेलन के दौरान ही बेला टोली निवासी रघुन प्रधान के परिवार की घर वापसी कर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया. आयोजन को सफल बनाने में संयोजक प्रसन्न सिन्हा, संरक्षक कृष्णा बड़ाईक, विहिप प्रखंड अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार, सुबोध महतो, भुवनेश्वर सेनापति सहित कई कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >