गोवंश तस्करी मामले का वांछित मुख्य आरोपी पुरी से गिरफ्तार

केरसई थाना कांड संख्या 08/2026 के वांछित आरोपी को सिमडेगा पुलिस ने ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया है.

वरीय संवाददाता

सिमडेगा. केरसई थाना कांड संख्या 08/2026 के वांछित आरोपी को सिमडेगा पुलिस ने ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय समीर सिंघिया उर्फ संजय सिंघिया (42) के रूप में हुई है. जो केरसई थाना क्षेत्र के करवाजोर गांव का निवासी है. एसपी श्रीकांत एस खोटरे को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी पुरी में छिपा हुआ है. इसके बाद वरीय पुलिस उपाधीक्षक रनवीर सिंह (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गयी. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अप्रैल को पुरी सी बीच के पास शकुंतला होटल के समीप से आरोपी को दबोच लिया. डीएसपी रनवीर सिंह ने बताया कि आरोपी गोवंशीय पशुओं की तस्करी में संलिप्त था. वह अवैध रूप से पशुओं से लदे वाहनों को सिमडेगा क्षेत्र से पार कराने के एवज में प्रति वाहन करीब नौ हजार रुपये वसूलता था. मामले में यह भी सामने आया है कि दो वाहनों को पार कराने के लिए उसने एक आरोपी से ऑनलाइन 14 हजार रुपये प्राप्त किये थे. जबकि शेष राशि नकद लेनी थी. इसी दौरान पुलिस ने वाहनों को पकड़ लिया. जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी घटना से पहले और घटना के दिन लगातार मोबाइल के माध्यम से अन्य आरोपियों के संपर्क में था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है. उसके खिलाफ सिमडेगा, केरसई, कोलेबिरा, गुमला समेत विभिन्न थानों में हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट, पशु तस्करी और अन्य मामलों के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं.

छापामारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक रनवीर सिंह, महाबुआंग थाना प्रभारी पंकज प्रमाणिक, विधिक कोशांग प्रभारी रमेश झा तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.

केस हिस्ट्री

गिरफ्तार आरोपी संजय समीर सिंघिया उर्फ संजय सिंघिया का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है. उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई संगीन मामले दर्ज हैं, जो इस प्रकार हैं.

सिमडेगा थाना कांड सं0- 40/2002 (09.06.2002) – आर्म्स एक्ट, सिमडेगा थाना कांड सं0- 49/2002 (03.07.2002) – धारा 414 भा.दं.वि., सिमडेगा थाना कांड सं0- 70/2005 (19.08.2005) – धारा 395 भा.दं.वि. (डकैती), सिमडेगा थाना कांड सं0- 100/2005 (28.11.2005) – धारा 395 भा.दं.वि., चैनपुर (गुमला) थाना कांड सं0- 26/2007 (27.03.2007) – धारा 414/34 भा.दं.वि., केरसई थाना कांड सं0- 02/2013 (06.01.2013) – धारा 385/387/307 भा.दं.वि. एवं आर्म्स एक्ट, सिमडेगा थाना कांड सं0- 145/2012 (16.11.2012) – हत्या, हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराएं व आर्म्स एक्ट, केरसई थाना कांड सं0- 13/2023 (02.04.2023) – पशु क्रूरता व गौवंशीय पशु हत्या अधिनियम, केरसई थाना कांड सं0- 23/2023 (23.07.2023) – सार्वजनिक जुआ अधिनियम, केरसई थाना कांड सं0- 30/2024 (20.09.2024) – बीएनएस एवं जुआ अधिनियम, कोलेबिरा थाना कांड सं0- 35/2024 (06.07.2024) – बीएनएस व पशु क्रूरता/गौवंशीय अधिनियम, टी. टांगर थाना कांड सं0- 31/2024 (06.07.2024) – बीएनएस, पशु क्रूरता व गौवंशीय अधिनियम, सिमडेगा थाना कांड सं0- 97/2025 (31.08.2025) – बीएनएस व पशु क्रूरता/गौवंशीय अधिनियम, मुफस्सिल थाना कांड सं0- 25/2025 (12.09.2025) – बीएनएस व पशु क्रूरता/गौवंशीय अधिनियम, पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और कई गंभीर मामलों में वांछित रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >