संत अन्ना महागिरजा में धूमधाम से मना पास्का पर्व, जीएल चर्च के लोगों ने कब्रों पर की स्तुति
वरीय संवाददाता, सिमडेगा
संत अन्ना महागिरजा सामटोली में पास्का पर्व बड़े हर्षोल्लास व धार्मिक वातावरण के बीच मनाया गया. मौके पर बड़ी संख्या में कैथोलिक विश्वासी पवित्र मिस्सा में शामिल हुए और प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की खुशी मनायी. पूरे गिरजाघर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला. समारोह के मुख्य अनुष्ठानकर्ता सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप स्वामी विंसेंट बारवा थे. उनके सहयोगी के रूप में भीजी इग्नासियुस टेटे, सेंट मेरिज के रेक्टर फादर पियूष खलखो सहित अन्य पुरोहितगण एवं सिस्टर्स उपस्थित थे. इस दौरान युवा संघ द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया.अपने संदेश में बिशप विंसेंट बारवा ने कहा कि प्रभु यीशु का पुनरुत्थान मानव जाति और समस्त सृष्टि के लिए एक नयी शुरुआत का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि पास्का केवल एक पर्व नहीं बल्कि विश्वास का केंद्र है. जो मृत्यु पर जीवन, अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की जीत का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं ईश्वर का प्रेम और शक्ति कभी साथ नहीं छोड़ते. उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब संसार में अशांति, भय और अन्याय बढ़ रहा है, तब पास्का का संदेश हमें साहस और आशा देता है. उन्होंने विश्वासियों से प्रेम, क्षमा, शांति, दया और करुणा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया.
वहीं फादर इग्नासियुस टेटे ने अपने संदेश में कहा कि पास्का आत्मचिंतन का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में सच्चे प्रेम और सेवा के मार्ग पर चलना चाहिए तथा जरूरतमंदों और गरीबों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए. उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने भीतर की नकारात्मक भावनाओं को त्यागकर प्रकाश और सकारात्मकता की ओर बढ़ें. इस अवसर पर विश्वासियों ने एक-दूसरे को पास्का की शुभकामनाएं दीं और प्रभु से शांति, सुख-समृद्धि एवं अच्छे जीवन की कामना की.ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धा के साथ मना पास्का पर्व
जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी जीएल चर्च के धर्मावलंबियों द्वारा पास्का पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर धर्मावलंबी रात्रि में ही अपने पूर्वजों के कब्रिस्थानों पर पहुंचे और कब्रिस्तानों की साफ-सफाई कर रंग-रोगन के साथ आकर्षक फूलों से सजाया. रात से लेकर अहले सुबह तक प्रभु यीशु मसीह की विशेष प्रार्थना की गयी. श्रद्धालुओं ने प्रार्थना के माध्यम से अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. पूरे वातावरण में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला. मौके पर पादरी ने पास्का पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ईश्वर के संदेशों को सुनाया तथा लोगों से उनके बताये मार्गों पर चलने का आह्वान किया. प्रार्थना संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को पास्का पर्व की बधाई दी और आपसी प्रेम एवं भाईचारे का संदेश दिया.
