फोटो: 25 एसआईएम: 11- दीप जलाते डीसी, 12- उपस्थित अधिकारी.प्रतिनिधिसिमडेगा. जिला बाल संरक्षण संस्था के तत्वावधान में जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए समाहरणालय के सभाकक्ष में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के अध्यक्ष उपायुक्त दीप्रवा लकड़ा ने दीप जला कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. अपने संबोधन में श्री लकड़ा ने कहा कि कुपोषण समाज के लिए अभिशाप है. समाज के लोगों के समन्वय प्रयास द्वारा इस बीमारी को दूर किया जा सकता है. सिमडेगा, ठेठइटांगर, कुरडेग, कोलेबिरा में कुपोषण उपचार केंद्र बनाये गये है जो सफलता पूर्वक संचालित किया जा रहा है. एएनएम सहिया तथा सेविकाओं से बैठक कर उन्हें कुपोषित बच्चे के माताओं को उपचार केंद्रों तक लाने की जिम्मेवारी दी जानी चाहिए. सिविल सर्जन डॉ बेनेदिक्ट मिंज ने माताआंें के पोषक एवं उनके द्वारा बरती जाने वाली स्वच्छता संबंधी जानकारी दी. कुपोषण उपचार के लिए स्टेट मास्टर ट्रेनर जगरनाथ हेंब्रम ने कुपोषण के तकनिकी पक्ष एवं उपचार से संबंधित जानकरीयां दी. कार्यशाला में मुख्य रूप से डीडीसी विजय मुंजनी, डीआरडीए निदेशक पूर्णचंद्र कुंकल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एस्मामुल हक, डीपीआरओ शिवनंदन बड़ाईक, जिला बाल कल्याण पदाधिकारी तेजबल शुभम, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीएमआडीएफ रीका सालीमा खाखा, सभी महला पर्यवेक्षिका सहित अनेेक पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे.
कुपोषण पर कार्यशाला का आयोजन
फोटो: 25 एसआईएम: 11- दीप जलाते डीसी, 12- उपस्थित अधिकारी.प्रतिनिधिसिमडेगा. जिला बाल संरक्षण संस्था के तत्वावधान में जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए समाहरणालय के सभाकक्ष में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के अध्यक्ष उपायुक्त दीप्रवा लकड़ा ने दीप जला कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. अपने संबोधन में श्री लकड़ा ने कहा […]
