कोलेबिरा : कोलेबिरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अधरमा पंचायत के अधरमा, पहानटोली, पहाडटोली आदि गांवों में बुधवार शाम हुए आंधी व ओला वृष्टि से लगभग चालीस से अधिक किसानों की सैंकड़ों एकड़ खेत में लगी टमाटर, भिंडी, बोदी, बैगन, करैला, कद्दू, खीरा आदि फसल पुरी तरह नष्ट हो गयी.
जिन किसानों का फसल बरबाद हुआ है, उनमें जोनसन गुड़िया, सुमन गुड़िया कृषक मित्र, विश्वरा होरो, पितरूस डुंगडुंग, विजय सुरीन, बेनेदिक केरकेा, सिबिल बारला, विमल केरके, बसील डुंगडुंग, मारकुस केरकेा, जतरू केरकेा,राजेश होरो, जयनंद होरो, अमर हंस, रैमन टेटे, सुरजेन सुरेन, बसंत बारला, नियारन सुरीन, अरबिंद केरके, अधनास केरके, करलुस, संतोष किड़ो, क्लेमेंट, मार्टिन गुड़िया, सामुन बारला, नमजन होरो, नुवास किड़ो, मोनेराम, विरेंद्र कुमार सिंह, गुरुदयाल सिंह, भादो केरकेा, कोर्नोलियुस, थदेयुस, सुयून होरो, पौलुस, ज्योति तोपनो, नरेंद्र कुमार सिंह, सत्यनारायण सिंह, याकुब समद, तिलक सिंह, धनेश्वर केवट के नाम शामिल है. फसलों के बरबाद होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.
किसानों का कहना है कि गत वर्ष पांच मई को हुए ओला वृष्टि से गांव के 35 किसानों का फसल बरबाद हुआ था. मुआवजा के लिए किसानों द्वारा आठ मई 2014 को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था. किंतु आज तक किसानों का दर्द किसी ने नहीं सुनी. लगातार दूसरे वर्ष उसी गांव में ओला वृष्टि ने किसानों का कमर तोड़ दिया.
