सरायकेला में JSSC के नाम पर ठगी, 10 लाख रुपये ऐंठने पहुंचे फर्जी अधिकारी को ग्रामीणों ने खदेड़ कर पकड़ा

ग्रामीणों की सूझबूझ से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. जेएसएससी पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने पहुंचे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा. आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज और अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं.

सरायकेला से हिमांशु गोप की रिपोर्ट

JSSC Scam, सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना अंतर्गत बड़ामटांड़ गांव में गुरुवार को ग्रामीणों की सूझबूझ से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. जेएसएससी (JSSC) पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने पहुंचे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़कर चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी के पास से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं, जिससे राज्य स्तर पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है.

अभ्यर्थी की सूझबूझ से जाल में फंसा शातिर ठग

पीड़ित अभ्यर्थी ने बताया कि बुधवार को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था, जिसने खुद को जेएसएससी कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताया. फोन करने वाले ने झांसा दिया कि अभ्यर्थी की पीजीटी सहायक आचार्य के पद पर सरकारी नौकरी पक्की हो गई है, लेकिन इसके लिए तुरंत 10 लाख रुपये का प्रबंध करना होगा. फोन करने वाले ने यह धमकी भी दी कि अगर रुपये नहीं मिले, तो यह मौका किसी दूसरे कैंडिडेट को दे दिया जाएगा. फोन पर हुई इस बातचीत से अभ्यर्थी को गहरा शक हो गया. उसने दिमाग लगाते हुए आरोपी को पैसे देने के बहाने गुरुवार को बड़ामटांड़ गांव बुलाया और आने से पहले ही ग्रामीणों को पूरे मामले से अलर्ट कर दिया. जैसे ही युवक पैसे वसूलने गांव पहुंचा, घात लगाकर बैठे ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया और चौका पुलिस को बुलाकर सौंप दिया.

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मूल प्रमाण पत्र और दो ब्लैंक चेक एडवांस लेने का था खेल

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में ठगी के इस अनोखे और खतरनाक तरीके का खुलासा हुआ है. आरोपी युवक बेरोजगार अभ्यर्थियों को जाल में फंसाकर उनसे एडवांस के तौर पर दो हस्ताक्षरित (Signed) ब्लैंक चेक और उनके सारे मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Original Certificates) अपने पास जमा करवा लेता था. गिरोह का नियम था कि नौकरी का फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाने के बाद ही 10 लाख रुपये कैश लिए जाएंगे. इस खुलासे से साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से झारखंड के सीधे-साधे बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहा था.

बैग से मिले दर्जनों अभ्यर्थियों के कागजात

चौका थाना पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी के बैग की बारीकी से तलाशी ली, तो अधिकारियों के होश उड़ गए. उसके बैग से जेएसएससी भर्ती से संबंधित कई सरकारी फॉर्म, विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और कई अन्य गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इन कागजातों के आधार पर पुलिस अब यह लिस्ट तैयार कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया है. चौका थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द से जल्द दबोचा जा सके.

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Published by: Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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