किसानों को मिली मिट्टी जनित रोगों से फसल के बचाव की जानकारी

फसल सुरक्षा कार्यक्रम योजना के अंतर्गत 40 कृषकों बेहतर कृषि कार्य की दी गयी विस्तृत जानकारी

साहिबगंज. जिला के 40 कृषकों को तीन दिवसीय अंतर जिला कृषक परिभ्रमण कार्यक्रम शुक्रवार को गोड्डा में संपन्न हो गया. सभी कृषकों को पहले दिन तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय गोड्डा के वैज्ञानिकों ने गेहूं, धान, मक्का, चना, सरसों आदि में लगने वाले कीट की पहचान करायी. कीटों के जीवन चक्र तथा प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. परिभ्रमण के दूसरे दिन सभी कृषकों को ग्रामीण विकास ट्रस्ट द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, गोड्डा का भी भ्रमण कराया गया, जहां सभी कृषकों को विभिन्न फसलों गेहूं, धान, सरसों, मक्का, आलू में जीवामृत के उपयोग एवं महत्त्व तथा पोषण वाकिटा में केंचुआ खाद के महत्व के बारे में बताया. कीट व्याधि प्रबंधन के नवीनतम तकनीक- फेरोमीनट्रैप, लाईट्रैप, स्टीकीट्रैप ट्राइकोग्रामा का संवर्धन तथा उपयोग के तरीके की जानकारी दी. अंतिम दिन तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय के पादप रोग वैज्ञानिकों ने मिट्��ी जनित रोगों से फसलों को कैसे बचाया जाये. इसकी जानकारी दी. मौके पर कंचन कुमार, आत्मा के बीटीएम रंधीर कुमार आदि मौजूद थे. किसानों ने कृषि विभाग, आत्मा एवं जिला प्रशासन को परिभ्रमण के लिए आभार किया.

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