20 वर्ष पूर्व भी दुकान में घुस कर अपराधियों ने मारी थी व्यवसायी को गोली

पुलिस का खौफ अपराधियों के दिलों दिमाग में बिल्कुल नहीं रह गया

साहिबगंज. शहर में 20 वर्ष के बाद पुनः व्यवसायी हत्या की पुनरावृत्ति हुई है. 16 मार्च 2005 को कॉलेज रोड स्थित बांके बिहारी कपड़ा दुकान में गोपी गोयल की दुकान के अंदर घुसकर गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. उस समय अपराधियों ने पैसे के डिमांड की थी. दुकानदार ने देने से इनकार किया था. इस कारण उन्हें जान देकर कीमत चुकानी पड़ी. इसके अलावा वर्ष 2000 में व्यवसायी सज्जन अग्रवाल को भी अपराधियों ने रंगदारी न देने पर गोली मार दी थी. चौक बाजार निवासी अरुण तंबाकू वाले की हत्या वर्ष 2015 में उन्हीं के घर में कर दी गयी थी. घटना को देख कर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस का खौफ अपराधियों के दिलों दिमाग में बिल्कुल नहीं रह गया है. शहर के बीचों-बीच दर्जनों लोगों की मौजूदगी में अपराधी मोटरसाइकिल पर सवार होकर दुकानदार के पास पहुंचे. उन्हें गोली मारकर वहां से बाहर निकल कर मोटर साइकिल स्टार्ट कर फरार हो गये. चीखते हुए बोली मां : अपराधियों को मिले मौत की सजा पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही गुड्डू साहा का शव घर पहुंचा तो रोने चीखने की आवाज से माहौल गमगीन हो गया. मां बार बार चीख चीख कर एक ही बात कह रही थी कि मेरे सामने मेरी बेटे की जान ले ली है. कोई मेरे बेटे को वापस ला दो साहब. उसके सिवा इस दुनिया में मेरा कोई नहीं है. मैं कैसे जिऊंगी. मां बार-बार कह रही थी कि मेरे बेटे की मौत के बदले अपराधियों को मौत की सजा चाहिए. मुझे इंसाफ चाहिए. गुड्डू की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था. होश में आकर बस एक ही बात कहती एसआइ टीम ने की ताबड़तोड़ छापेमारी, एक से पूछताछ साहिबगंज. गोली लगने के बाद गुड्डू साहा अपनी कुर्सी से खड़े होकर दुकान से बाहर निकले और वहीं लड़खड़ा कर गिर पड़े. तब तक अपराधी मोटरसाइकिल स्टार्ट कर वहां से फरार हो गये. बेखौफ अपराधियों ने दुकान में घुसकर सीधे गुड्डू साहा से उसका नाम पूछा फिर गोली चला दी. सीसीटीवी फुटेज से ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों ने दोनों अपराधियों के हाथ में देसी कट्टा थे. लेकिन चिकित्सक द्वारा गोली लगने की पुष्टि की गयी है. हालांकि के पोस्टमार्टम के बाद संदेह होने के बाद फिर से डिजिटल एक्सरे किया. एसआइटी का गठन, घटना की रात ताबड़तोड़ छापेमारी साहिबगंज. घटना के बाद ही पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में एसआइटी टीम का गठन किया. डीएसपी रूपक कुमार, नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, नगर प्रभाग पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, गंगा नदी थाना प्रभारी लव कुमार समेत कई पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया. टीम के सदस्य ने घटना की रात में ही तकरीबन पांच जगह पर छापेमारी अभियान चलाया है. हालांकि इस दौरान किसी की गिरफ्तारी होने की बात सामने नहीं आयी है. बताया जा रहा है कि अपराधियों की तलाश में चानन, कबूतर खोपी, प्रेम नगर व नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉलेज रोड के अलावा भी कुछ स्थानों पर छापामारी अभियान चलाया गया. एक घंटे पहले से रेकी कर रहा था अपराधी गोली गोली चलाने के पूर्व अपराधियों ने उसकी दुकान में बैठने व दुकान खाली होने की रेकी की थी बताया जा रहा है कि लगभग 2 से 3 बार वह दुकान के सामने से गुजर कर अपने समय के फिराक में था. जब उसने देखा की दुकान में अब कम आदमी है. इसके बाद वह दुकान से पहले एक अन्य दुकान में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर वहां कुछ देर देखने लगा. फिर वहां से लाकर गुड्डू की दुकान के आगे मोटरसाइकिल को खड़ा किया. इसके बाद दोनों अपराधी उतरकर उसकी दुकान में प्रवेश किया. फिर उन्होंने घटना को अंजाम दिया. हत्या के कारणों का खुलासा नहीं, जमीन विवाद की आशंका साहिबगंज. गुड्डू शांत स्वभाव का युवक था. सबसे हंसकर बात किया करता था. उसे किसी के व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी. न ही कोई विरोध में था. अचानक गोली मार की हत्या कर देने के बाद लोगों को यकीन नहीं हो पा रहा है कि वैसे इंसान को भी कोई गोली मार सकता है. फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है. सूत्रों की माने तो हत्या के पीछे भूमि विवाद हो सकता है. चूंकि गुड्डू ने कुछ जगह में जमीन खरीदी थी. वह अकेला स्वतंत्र मलिक था. सूत्रों की माने तो इसी जमीन के पीछे शायद गुड्डू से किसी से कोई विवाद शुरू हुआ हो. लोगों ने अनुमान लगाया है कि शायद उस जमीन को कोई खरीदना चाहता होगा. गुड्डू उसे नहीं बेचना चाहता था. इसी बीच कोई विवाद बढ़ गया हो, फिर मामला यहां तक पहुंच गया हो. चार को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की. फिलहाल चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. पूछताछ की जा रही है. हालांकि कुछ भी जानकारी देने से फिलहाल पुलिस ने इनकार किया है. अधिकारियों ने बताया कि मामले में अनुसंधान चल रहा है. जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता है. मुहल्लेवासियों ने शराब की दुकान हटाने की मांग की है. हत्या के दो घंटे पूर्व सकरोगढ़ में हुई थी फायरिंग हत्या के दो घंटे पूर्व जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत रविवार संध्या करीब 6:00 बजे शकरुगढ़ गैस गोदाम में दो राउंड गोली चलने का मामले प्रकाश में आया था. सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच मामले की जांच में जुट गयी थी. थाने में शिकायत भी की है. फायरिंग का कारण पुराना विवाद बताया जा रहा है, जो दो पक्षों में काफी दिनों से चला आ रहा है. इधर, गोली चलने के मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. थाना प्रभारी ने बताया कि खोखा बरामद नहीं हुआ है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

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By Abdhesh singh

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