शत्रुधन हजारी की रिपोर्ट
राजमहल (साहिबगंज) : सावन की दूसरी सोमवारी पर राजमहल के उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित सूर्यदेव घाट पर सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर गंगाजल भरा और भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए शिवगादी धाम की ओर रवाना हुए. इस दौरान बोरियो से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं के जत्थे ने 54 फीट लंबी विशाल और भव्य शत सनातन कांवर यात्रा निकाली. गंगा तट से कांवर यात्रा शुरू होते ही पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ विशाल कांवर लेकर शिवगादी धाम के लिए रवाना हुए. कांवर यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सूर्यदेव घाट पर मौजूद रहे.
चार वर्षों से लगातार निकाली जा रही कांवर यात्रा
बोरियो के श्रद्धालुओं द्वारा पिछले चार वर्षों से लगातार राजमहल की उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल उठाकर कांवर यात्रा निकाली जा रही है. कांवरिया राजमहल से गंगाजल लेकर तीनपहाड़, बोरियो, पंचकठिया और बरहेट होते हुए मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध शिवगादी धाम पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन की सोमवारी के दिन शिवगादी धाम में भक्तों की भारी भीड़ रहती है. इस वजह से 54 फीट लंबी विशाल कांवर को मंदिर परिसर तक ले जाने में परेशानी होती है. इसलिए कांवरिया मंगलवार की सुबह शिवगादी धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करते हैं.
आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक है यात्रा
54 फीट की विशाल कांवर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. यात्रा में शामिल कांवरियों ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि सनातन परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक भी है. कांवरियों के अनुसार, पिछले चार वर्षों से लगातार इस यात्रा का आयोजन किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है. विशाल कांवर के साथ निकली यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा.
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