Ranchi News : सरफा नृत्य को देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तुत कर रहे संताली कलाकार

संताली कलाकारों की टीम संताली पारंपरिक नृत्य सरफा को झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों तक पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है.

सरफा नृत्य को देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तुत कर रहे संताली कलाकार

रांची. संताली कलाकारों की टीम संताली पारंपरिक नृत्य सरफा को झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों तक पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है. यह टीम कला मंदिर जमशेदपुर की टीम है, जिसमें कुल 18 लोग शामिल हैं. इसमें 13 महिलाएं व पांच पुरुष हैं. महिलाएं लकड़ी का बना हुआ वाद्य यंत्र जिसे सरफा कहते हैं, लेकर नृत्य करती हैं. महिलाएं सिर के ऊपर लोटा रखकर थाली व कटोरी को बजाते हुए एक लय में नृत्य करती हैं. साथ में पारंपरिक गीत गाए जाते हैं, जिसमें पारंपरिक व आस्था से जुड़े हुए फूलों का जिक्र होता है. गीत के माध्यम से प्रेमिका के अपने प्रेमी के बारे में भी बताया जाता है. इसके अलावा प्राकृतिक प्रेम को दर्शाया जाता है.

विभिन्न राज्यों में दे रहे हैं प्रस्तुति

इस टीम के कलाकार झारखंड के विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति देते नजर आते हैं. इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में भी अपनी प्रस्तुति देने के लिए जाते हैं. जहां अपनी कला और संस्कृति को नृत्य के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं. इस दौरान वे मंच पर 15 से 20 मिनट तक नृत्य करते हैं. विभिन्न जगहों पर हाेने वाले नृत्य प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते हैं.

सोहराय पर्व के समय किया जाता है यह नृत्य

कला मंदिर जमशेदपुर के आर्ट व कल्चर हेड देवला मुर्मू ने बताया कि संताली सामुदाय में सरफा नृत्य प्रचलित है. समय के साथ यह नृत्य शैली विलुप्त होने के कगार पर है. यह नृत्य सोहराय पर्व के समय किया जाता है. इन कलाकारों के माध्यम से सरफा नृत्य को लोगों के सामने लाने का काम किया जा रहा है. साथ ही दूसरी महिलाओं को इस नृत्य शैली की ट्रेनिंग भी दी जा रही है.

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By KRANTI

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