टाटा पावर से प्लांट की RLA रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था का ब्योरा तलब, 29 सितंबर को होगी सुनवाई

झारखंड बिजली नियामक आयोग ने टाटा पावर से प्लांट की अवशिष्ट आयु आकलन (RLA) रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ब्योरा मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी.

रांची. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने टाटा पावर कंपनी लिमिटेड से पूरे प्लांट की अवशिष्ट आयु आकलन (रेजिडुअल लाइफ असेसमेंट-आरएलए) की समय-सीमा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा अतिरिक्त अनुपूरक शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है. आयोग ने बॉयलर, टर्बाइन और जेनरेटर के आरएलए की समय-सीमा भी शपथ पत्र में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी.

आयोग ने प्लांट में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अपनाये जा रहे उपायों का ब्योरा और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है. सुनवाई आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नवनीत कुमार और सदस्य विधि महेंद्र प्रसाद की पीठ ने की.

उपभोक्ताओं की ओर से पैरवी के लिए न्यायमित्र नियुक्त

आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों की पैरवी और मामले में आयोग की सहायता के लिए अधिवक्ता श्वेता रानी को न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया है. न्यायमित्र को प्रत्येक पेशी के लिए पांच हजार रुपये अग्रिम कानूनी शुल्क देने की व्यवस्था की गयी है. टाटा पावर ने स्वेच्छा से न्यायमित्र की कानूनी फीस वहन करने पर भी सहमति जतायी है.

टैरिफ को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई

आयोग में टाटा पावर की याचिका पर केस संख्या 18/2026 की सुनवाई चल रही है. कंपनी ने टैरिफ को चुनौती दी है. कंपनी की ओर से अधिवक्ता वेंकटेश और निहाल भारद्वाज ने पक्ष रखा.

आयोग के निर्देश पर उपभोक्ताओं से आपत्ति आमंत्रित करने के लिए समाचार पत्र में नोटिस भी प्रकाशित कराया गया था. हालांकि, सुनवाई के दौरान कोई उपभोक्ता उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता श्वेता रानी को न्यायमित्र नियुक्त किया.

अब अगली सुनवाई में टाटा पावर की ओर से आरएलए की समय-सीमा, प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट से संबंधित जानकारी आयोग के समक्ष रखी जायेगी.

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By Sunil Choudhary

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