रांची के तमाड़ में विकास को मुंह चिढ़ाती तस्वीर: 7 टोलों में आजादी के बाद से नहीं जला बल्ब, ग्रामीणों ने मानवाधिकार संगठन से लगाई गुहार

तमाड़ प्रखंड के पारमडीह और मानकीडीह पंचायत के सात टोलों में आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची है. बिजली की कमी से बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने अधिकारियों से समाधान की मांग की है.

तमाड़: प्रखंड के पारमडीह और मानकीडीह पंचायत के सात टोलों में आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है. शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के रांची जिला प्रभारी विकेश्वर महतो के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग को लेकर अधिकारियों से पहल की.

बिजली नहीं पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार डाअजोबला, सलगाडीह (एदेलबेड़ा), चिमटीउली, कोटामाटी, चोपोलर और लोवाडीह समेत सात टोलों में अब तक बिजली की सुविधा नहीं है. बिजली नहीं रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है. शाम होने के बाद पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है. वहीं रात में घरेलू कामकाज करने में भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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अंधेरा रहने से जंगली जानवरों का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि टोलों में रात के समय अंधेरा रहने से जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है. बिजली जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है. समस्या को लेकर ग्रामीण रांची पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के राज्य प्रभारी राजेश कुमार सिंह को पत्र सौंपा. इसके बाद बिजली विभाग के जीएम से भी मामले को लेकर वार्ता की गयी. अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द बिजली आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया. मौके पर करम सिंह पाहन, जावरा मुंडा, आचु मुंडा, पीताय मुंडा समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

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