सुनील चौधरी /राजलक्ष्मी की रिपोर्ट
रांची. प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई. बैठक में भी छात्रों और सरकार के बीच सहमति नहीं बन सकी. छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी परीक्षा रद्द करने की उनकी मांग नहीं मानी जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा. छात्रों ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को भी जारी रखने की घोषणा की है.
मंत्रियों ने मांगें सुनीं, धरना स्थगित करने की अपील
सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव और सुदिव्य कुमार शामिल हुए. मंत्रियों ने छात्रों की मांगों और उनके सुझावों को गंभीरता से सुना. सरकार की ओर से छात्रों से धरना स्थगित करने का आग्रह किया गया. साथ ही कहा गया कि छात्रों की ओर से दिये जाने वाले सुझावों पर सरकार विचार करेगी.
पूरे राज्य के छात्रों से मांगा सुझाव
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार केवल आंदोलन कर रहे छात्रों से ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के छात्रों से प्रतियोगी परीक्षाओं को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाने के लिए सुझाव मांग रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से का छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार से संबंधित अपना सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है. इसके लिए मंत्री ने अपना ईमेल आइडी भी जारी किया है.
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छात्रों की समस्याओं पर सुझाव लेकर सरकार करेगी जरूरी कार्रवाई
सरकार की ओर से कहा गया कि छात्रों की समस्याओं को समझने और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी पक्षों से सुझाव लिये जायेंगे. सरकार इन सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करेगी.
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
वहीं, छात्रों ने कहा कि वे अपनी मुख्य मांग से पीछे हटने वाले नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है, तब तक उनका धरना जारी रहेगा. छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने की भी घोषणा की है.
खत्म हुई वार्ता, आंदोलन रहेगा जारी
वार्ता खत्म होने के बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. वहीं, सरकार अब 4 अन्य दलों से भी बातचीत करेगी.
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