जल-जंगल-जमीन से राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक, भारत आदिवासी पार्टी के अधिवेशन में तय होगी आगे की रणनीति

रतलाम में भारत आदिवासी पार्टी का स्थापना दिवस और अधिवेशन शुरू। आदिवासी अधिकारों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर होगी विस्तृत चर्चा।

रांची. भारत आदिवासी पार्टी का स्थापना दिवस समारोह और अधिवेशन बुधवार से मध्यप्रदेश के रतलाम में शुरू होगा. इसमें झारखंड से पार्टी का प्रदेश प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा, महासचिव कृष्णा हांसदा, सिमडेगा जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की समेत अन्य नेता शामिल हैं.

प्रदेश अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने बताया कि अधिवेशन में देशभर से आदिवासी प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता जुटेंगे. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आदिवासी समाज के अधिकारों के साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया जायेगा. आदिवासी समुदाय के लिए नयी राजनीतिक दिशा तय करने और मुख्यधारा की राजनीति में आदिवासियों का प्रतिनिधित्व मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी.

उन्होंने बताया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए राज्य सरकारों की नीतियां कैसी हों, इसका खाका तैयार करने पर भी विचार किया जायेगा. 10 सितंबर तक चलनेवाले अधिवेशन में संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, सरना कोड और अलग धार्मिक पहचान की मांग, पांचवीं अनुसूची को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पेसा कानून से जुडे विषयों पर चर्चा होगी.

इसके अलावा जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के उपायों पर भी मंथन किया जायेगा.

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By Praveen Kumar Munda

प्रवीण कुमार मुंडा प्रभात खबर में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उनका करीब 23 सालों का अनुभव है. वे 2003 में प्रभात खबर से जुड़े थे. वे झारखंड के आदिवासी समुदाय के भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति सहित जीवन के अन्य पहलुओं की खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा झारखंड के मिशनरी संस्थाओं की रिपोर्टिंग का भी सालों का अनुभव है. कई मंचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.साल 2021 में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (मुख्यमंत्री कार्यालय) में एक साल तक काम कर चुके हैं.

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