झारखंड आ सकते हैं राहुल गांधी, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में दौरा प्रस्तावित

कांग्रेस का दावा है कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को देशभर में समर्थन मिल रहा है. इसी क्रम में राहुल गांधी नवंबर या दिसंबर में झारखंड आ सकते हैं. यह कार्यक्रम युवाओं के मुद्दों को उठाने का एक मंच होगा. बीजेपी ने इस पर पलटवार किया है.


रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

Rahul Gandhi Jharkhand Visit: कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर देशभर में युवाओं के बीच समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है. इसी कड़ी में अब झारखंड में भी राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई है. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के संयोजक और रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार राजा ने दावा किया है कि राहुल गांधी का झारखंड दौरा प्रस्तावित है. हालांकि, अभी कार्यक्रम की आधिकारिक रूपरेखा तैयार नहीं हुई है. संभावना है कि नवंबर या दिसंबर तक राहुल गांधी झारखंड आ सकते हैं.

झारखंड में भव्य कार्यक्रम की तैयारी

कुमार राजा के मुताबिक, झारखंड में अब तक उनके नेतृत्व में ‘छात्रों की गूंज’ के तहत 4 से 5 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं. इन कार्यक्रमों में युवाओं की अच्छी भागीदारी और समर्थन देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि झारखंड में हुए इन कार्यक्रमों को कांग्रेस पार्टी ने भी सराहा है और पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी चर्चा हुई है. कांग्रेस नेता का कहना है कि राहुल गांधी के झारखंड दौरे के दौरान ‘छात्रों की गूंज’ का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है. हालांकि, तारीख, स्थान और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है.

‘युवाओं के मुद्दों को उठाने का मंच’

‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का एक मंच है. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में रोजगार और नियुक्तियों को लेकर युवा लगातार परेशान हैं. कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शहजादा अनवर ने सवाल उठाया कि अगर युवाओं को रोजगार और नियुक्तियों के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी.

‘BJP सरकार अमर होकर सत्ता में नहीं आई’

कांग्रेस प्रवक्ता डॉ एमडी तौसीफ ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी या बीजेपी अमृत पीकर सत्ता में नहीं आई है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी आज सत्ता में नहीं है, लेकिन भविष्य में जनता का समर्थन मिलने पर पार्टी दोबारा सत्ता में लौट सकती है. झारखंड में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के संयोजक कुमार राजा ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिल रहे समर्थन से बीजेपी में बेचैनी है और इसी वजह से बीजेपी राहुल गांधी और इस कार्यक्रम पर टिप्पणी कर रही है.

BJP का पलटवार- ‘राहुल को देश गंभीरता से नहीं लेता’

कांग्रेस के दावों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम करने से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने दावा किया कि देश का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है. अजय शाह ने कांग्रेस को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का नाम बलाकर 'छात्रों की चीख' कार्यक्रम रखना चाहिए. अजय शाह ने इसे कांग्रेस का राजनीतिक स्टैंड बताते हुए कहा कि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ होती, तो राहुल गांधी झारखंड आते और यहां छात्रों से मुलाकात करते. उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र अपने मुद्दों और समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक उनके बीच आकर उनकी समस्याएं सुनने की कोशिश नहीं की.

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राहुल गांधी के झारखंड दौरे पर टिकी हैं सबकी निगाहें

फिलहाल, राहुल गांधी के झारखंड दौरे की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. कांग्रेस की ओर से नवंबर या दिसंबर तक दौरे की संभावना जताई जा रही है. अगर राहुल गांधी झारखंड आते हैं और ‘छात्रों की गूंज’ के बड़े कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो इसे राज्य में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस के बड़े राजनीतिक अभियान के तौर पर देखा जा सकता है. देखना महत्वपूर्ण होगा कि राहुल गांधी के झारखंड दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कब होती है.

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By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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