रांची. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर 11 सितंबर को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हडताल जारी रहेगी. हडताल को टालने के लिए श्रम आयुक्त के साथ हुई वार्ता में सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद यूएफबीयू ने हडताल जारी रखने का फैसला किया है. हडताल के कारण झारखंड में भी राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है.
यूएफबीयू की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन भुगतान (पीएलआइ) में असमानता दूर करना और लंबित मांगों का समाधान शामिल है. संगठन का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है.
श्रम आयुक्त के साथ वार्ता बेनतीजा
हडताल को टालने के लिए केंद्रीय श्रम आयुक्त के कार्यालय के स्तर पर यूएफबीयू, वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय बैंक संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई. वार्ता में पांच दिवसीय बैंकिंग समेत विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. यूएफबीयू ने हडताल वापस लेने से इनकार कर दिया.
यूएफबीयू का कहना है कि जब तक पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर स्पष्ट निर्णय या समयसीमा नहीं दी जाती, तब तक हडताल वापस लेना संभव नहीं है. संगठन ने पूर्व में हुई सहमति और लंबित मुद्दों को लागू करने की भी मांग की है.
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था प्रमुख मांग
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है. यूएफबीयू के अनुसार भारतीय बैंक संघ के साथ मार्च 2024 में हुए समझौते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शामिल था. इसके बावजूद इस पर अंतिम निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है.
झारखंड में भी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
11 सितंबर की हडताल में झारखंड के राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल होंगे. इससे बैंक शाखाओं में जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य काउंटर आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाओं पर प्रभाव बैंक के स्तर और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.
हडताल की जानकारी एसबीआइएसए, रांची अंचल के उप महासचिव मनोज कुमार ने दी.
