रांची में राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान करेगा आयोजन

National Film Festival Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है. क्या-क्या होगा फिल्म फेस्टिवल में, कौन-कौन ले सकेंगे भाग, पूरी जानकारी यहां मिलेगी.

National Film Festival Ranchi| रांची, प्रवीण मुंडा : झारखंड की राजधानी रांची में जुलाई 2025 में राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (National Film Festival) का आयोजन होगा. कार्यक्रम का आयोजन डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई) रांची द्वारा किया जायेगा. इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गयी है. इसमें देश भर के 28 जनजातीय शोध संस्थानों की फिल्में प्रदर्शित की जायेंगी. इसके अलावा ओपेन कॉल इंट्री के जरिये भी निर्माता-निर्देशक अपनी फिल्में प्रदर्शित कर पायेंगे. फिल्में अलग-अलग 5 कैटेगरी (फीचर लेंथ फिक्शन, डॉक्युमेंट्री, शॉर्ट डॉक्युमेंट्री, एनिमेशन और न्यू मीडिया (मोबाइल से शूट होनेवाली फिल्में) में प्रदर्शित होंगी.

क्या है नेशनल फिल्म फेस्टिवल की थीम?

संस्थान ने कहा है कि नेशनल फिल्म फेस्टिवल की थीम ‘आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दे, पहचान, संघर्ष, सशक्तीकरण, कला, सौंदर्य, प्रकृति के साथ संबंध, उनका पारंपरिक नॉलेज सिस्टम तथा आदिवासी समुदाय से जुड़े महान व्यक्तित्व’ होगी. सभी कैटेगरी में ज्यूरी द्वारा चयनित फिल्मों को अवॉर्ड भी दिया जायेगा.

आदिवासी और गैर-आदिवासी दोनों फिल्मकार ले सकेंगे भाग

फेस्टिवल में आदिवासी व गैर-आदिवासी दोनों फिल्मकार भाग ले सकेंगे. पहली बार रांची में राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म फेस्टिवल का आयोजन होगा. इसमें देश के कई राज्यों के फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार व संगीतकारों का जुटान होगा. इस दौरान रांचीवासियों को आदिवासी मुद्दों पर बनी देश की बेहतरीन फिल्में देखने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा इस फिल्म फेस्टिवल जरिये आदिवासी मुद्दों के प्रति समझ बढ़ाने की भी कोशिश होगी.

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मई-जून में साहित्य कार्यशाला होगी

फिल्म फेस्टिवल से पहले जनजातीय शोध संस्थान में इसी वर्ष मई-जून में साहित्य कार्यशाला का भी आयोजन होगा. इस कार्यशाला में आदिवासी लेखक, फिक्शन राइटर, कवि व साहित्यकार शामिल होंगे. साहित्य की विभिन्न विधाओं में परिचर्चा के अलावा, किताबों का लोकार्पण भी किया जायेगा. कार्यशाला में प्रतिष्ठित और नामचीन साहित्यकार शामिल होंगे, तो नवोदित लेखकों-साहित्यकारों को भी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा. फिल्म फेस्टिवल और साहित्य कार्यशाला दोनों ही आयोजन संस्थान के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम हैं.

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By Mithilesh Jha

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