22 अगस्त से फिर शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र, जानें कब तक चलेगा

Monsoon Session: अनिश्चितकाल के लिए स्थगित झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अब 22 अगस्त 2025 से शुरू होगा. सदन की कार्यवाही 22 से शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी. विधानसभा सचिवालय की ओर से गुरुवार 14 अगस्त को यह जानकारी दी गयी. इस दौरान किस दिन, कौन-कौन से काम होंगे, आज ही जान लीजिए.

Monsoon Session: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 2025 अब 22 अगस्त (शुक्रवार) से शुरू होगा. इस बार विधानसभा का सत्र 7 दिनों का होगा. विधानसभा सचिवालय की ओर से षष्ठम झारखंड विधानसभा के तृतीय (मानसून) पूरक सत्र का औपबंधिक कार्यक्रम गुरुवार 14 अगस्त 2025 को जारी किया गया.

पहले दिन प्रथम अनुपूरक विवरणी का उपस्थापन और शोक प्रकाश

इसमें बताया गया कि 22 अगस्त 2025 से (मानसून) पूरक सत्र शुरू होगा. पहले दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन होगा. इसके बाद शोक प्रकाश के बाद सदन को स्थगित कर दिया जायेगा.

25 अगस्त को प्रश्नकाल से होगी सदन की शुरुआत

इसके बाद 23 अगस्त और 24 अगस्त को क्रमश: शनिवार और रविवार है. इसलिए सदन में अवकाश रहेगा. 25 अगस्त 2025 (सोमवार) को सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी. इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर सामान्य वाद-विवाद, मतदान, तत्संबंधित विनियोग विधेयक का उपस्थापन और पारण होगा.

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Monsoon Session: 27 अगस्त को रहेगा विधानसभा का अवकाश

अगले दिन यानी मंगलवार 26 अगस्त को सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी. इसके बाद राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य (यदि हों) होंगे. बुधवार 27 अगस्त 2025 को सदन का अवकाश रहेगा. गुरुवार 28 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य (यदि हों) होंगे. इसके बाद गैर सरकारी सदस्यों का कार्य होगा (गैर सरकारी संकल्प).

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शिबू सोरेन के निधन की वजह से अनिश्चितकाल के लिए विधानसभा की कार्यवाही हुई थी स्थगित

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक बुलाया गया था. 4 अगस्त 2025 को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन की वजह से सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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