झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण की सूची जारी, रांची सीट ST के लिए रिजर्व
Jharkhand Municipal Election: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव की तैयारी तेज हो गई है. निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आरक्षण सूची के अनुसार रांची नगर निगम में मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि धनबाद में यह पद सामान्य श्रेणी में रहेगा.
Jharkhand Municipal Election: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर बीते कई माह से राजनीतिक सरगर्मी तेज थी. अब इसे लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो जाएगी. इसकी वजह है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को नगर निगमों के मेयर पद के लिए आरक्षण की सूची जारी कर दी है. जारी सूची के अनुसार रांची नगर निगम में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि धनबाद नगर निगम में महापौर पद सामान्य के लिए रिजर्व कर दिया गया है.
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झारखंड में कुल नौ नगर निगम क्षेत्र
रांची, धनबाद सहित झारखंड में कुल नौ नगर निगम क्षेत्र हैं. इनमें से मेदिनीनगर और मानगो नगर निगम में महापौर का पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. वहीं कुछ नगर निगमों में महापौर पद अनारक्षित रखा गया है, जिसके तहत किसी भी श्रेणी के उम्मीदवार इस पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे.
आयोग ने जारी किया गजट
राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा-27 तथा झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम-9 के उपनियम (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आरक्षण तय किया है. आयोग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर गजट में प्रकाशन भी कर दिया है. बताया जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग फरवरी-मार्च माह में शहरी निकाय चुनाव कराने की तैयारी में जुटा है. ऐसे में इसी अवधि में चुनाव की घोषणा होने की संभावना जतायी जा रही है.
रांची में एसटी वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा मेयर पद
राजधानी रांची नगर निगम में महापौर का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है. इसके तहत इस बार केवल एसटी वर्ग के उम्मीदवार ही मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे. इसे राज्य में जनजातीय समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
धनबाद नगर निगम का मेयर पद अनारक्षित
वहीं, धनबाद नगर निगम में महापौर का पद अनारक्षित रखा गया है. इससे सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान खुला रहेगा. औद्योगिक नगरी धनबाद के लिहाज से इस फैसले को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
अन्य नगर निकायों में भी तय हुआ आरक्षण
राज्य के अन्य नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है. यह निर्धारण जनसंख्या, रोटेशन नीति और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर किया गया है.
चुनावी प्रक्रिया को मिलेगी गति
आरक्षण तय होने के साथ ही अब नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना, नामांकन और मतदान की प्रक्रिया को लेकर जल्द ही तारीखों की घोषणा किए जाने की संभावना है. माना जा रहा है कि आरक्षण स्पष्ट होने से चुनावी गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय नेतृत्व उभरकर सामने आएगा.
