Jharkhand Municipal Election 2026, रांची, (सुनील चौधरी): रांची नगर निगम के चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा, कांग्रेस व झामुमो की नजर अब डिप्टी मेयर के पद पर है. तीनों ही दल इस पद पर अपनी-अपनी संभावना तलाश रहे हैं. भाजपा ज्यादा उत्साहित है. वजह है कि लगभग दो दर्जन पार्षद भाजपा से संबंध रखनेवाले लोग हैं. भाजपा के महानगर अध्यक्ष वरुण साहू की मानें, तो भाजपा का स्वाभाविक दावा बनता है, क्योंकि सर्वाधिक पार्षद भाजपा के कार्यकर्ता ही हैं. जबकि, दूसरी ओर कांग्रेस के नेता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि वार्ड 18 की पार्षद आशा देवी लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है. वह कांग्रेस पार्टी से बात कर डिप्टी मेयर के पद पर उनके लिए दावा करेंगे. गौरतलब है कि आशा देवी राजेश गुप्ता की बड़ी बहन भी हैं और कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं.
सारे दल कर रहे हैं अपने पार्षदों की गिनती
इधर, झामुमो महानगर नेतृत्व भी अपनी संभावना तलाश रहा है. सारे दल अपने-अपने पार्षदों की गिनती कर रहे हैं और समीकरण जुटा रहे हैं. रही बाता भाजपा की, तो प्रदेश नेतृत्व इसमें रुचि ले रहे हैं. प्रदेश नेतृत्व भाजपा समर्थित पार्षदों की सूची की मांग की है. महानगर भाजपा से पूछा गया कि कौन पार्षद कितने दिनों से भाजपा से जुड़ा है. उनका अनुभव क्या है और पार्टी के लिए वे आगे क्या कर सकते हैं. बताया गया कि होली के बाद महानगर नेतृत्व सूची भेज देगा. इसके बाद निर्णय लेगी किसे डिप्टी मेयर का प्रत्याशी बनाया जाये.
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बीजेपी के इन नामों पर हो रहा विचार
भाजपा महानगर सूत्रों के अनुसार, वार्ड-1 से नकुल तिर्की, वार्ड-21 के पार्षद सुनील यादव, वार्ड-28 से रश्मि चौधरी, वार्ड-26 के प्रदीप कुमार, वार्ड-40 की सुचिता रानी रॉय के नामों पर विचार किया जा रहा है. ये सभी दो या दो से अधिक बार जीत दर्ज की है. इनके नाम पर रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल व सांसद व केंद्रीय मंत्री संजय सेठ की राय भी ली जायेगी. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, डिप्टी मेयर के कई पुराने चेहरे इस बार नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में पार्टी नये चेहरे पर दावं लगा सकती है.
झामुमो अल्पसंख्यक पर लगा सकता है दावं
झामुमो के संभावित दावेदार सोमवित मांझी थे, लेकिन वह चुनाव हार गये हैं. झामुमो अब किसी अल्पसंख्यक उम्मीदवार दावं लगा सकता है. पार्टी फिलहाल केंद्रीय नेतृत्व के इशारे का इंतजार कर रहा है. फिलहाल मामला होली तक टल गया है. होली के बाद ही इस पर सभी पार्टियां निर्णय लेंगी.
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