रांची: झारखंड हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकारी सेवकों की अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने सेवा काल के दौरान जिम्मेदार अधिकारी के बिना पूर्व लिखित अनुमति दूसरी शादी करता है, तो उसके निधन के बाद उसकी दूसरी पत्नी अनुकंपा पर सरकारी नौकरी का दावा नहीं कर सकती. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि भले ही किसी जनजाति या समुदाय के प्रथागत कानून (Customary Law) के तहत दूसरी शादी की अनुमति ही क्यों न हो, लेकिन सरकारी सेवा नियमावली के सामने वह अप्रभावी रहेगी.
सेवा नियमों के आगे बेअसर है संथाली प्रथागत कानून : हाईकोर्ट
मामले की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा कि सरकारी सेवा नियमावली के नियम-23 (2) के अनुसार, किसी भी सरकारी सेवक को पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने से पहले अपने विभाग या जिम्मेदार अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है. अदालत ने स्पष्ट किया कि संथाली जनजाति की परंपराओं या प्रथागत कानूनों का तर्क सरकारी सेवा नियमों के आगे पूरी तरह बेअसर है, क्योंकि दिवंगत कर्मचारी ने दूसरी शादी करने से पहले नियमानुसार कोई प्रशासनिक अनुमति प्राप्त नहीं की थी. हालांकि, कोर्ट ने यह माना कि मामले में दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे को कुछ वित्तीय लाभ और ग्रेच्युटी का हिस्सा दिया जा चुका है, लेकिन इससे दूसरी पत्नी को अनुकंपा पर नियुक्ति पाने का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता.
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पंचायत सेवक की दूसरी पत्नी की अपील खारिज
यह पूरा मामला दिवंगत पंचायत सेवक बस्नवास मालतु से जुड़ा है, जिनकी सेवाकाल के दौरान 11 जुलाई 2011 को मृत्यु हो गई थी. उनकी मौत के बाद कथित दूसरी पत्नी ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के पूरे लाभ की मांग की थी, जिसे विभाग ने खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर की गई, जहां कोर्ट ने पहली पत्नी और दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे के बीच ग्रेच्युटी बांटने का आदेश दिया था, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति देने से साफ इनकार कर दिया था. इसके बाद दूसरी पत्नी ने खंडपीठ में अपील याचिका दाखिल कर दलील दी थी कि संथाल जनजाति की परंपरा के अनुसार दूसरी शादी वैध है. खंडपीठ ने इन तर्कों को खारिज करते हुए एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा और याचिका को पूरी तरह से निरस्त कर दिया.
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