रांची नगर निगम को झारखंड हाईकोर्ट से झटका, अपर बाजार के छह कारोबारियों को अंतरिम राहत

रांची नगर निगम द्वारा अपर बाजार के छह कारोबारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द करने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने नगर निगम को अगली सुनवाई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है.


Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम द्वारा अपर बाजार के छह कारोबारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द करने और तीन दिनों के भीतर प्रतिष्ठान सील करने संबंधी नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है. जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कारोबारियों को बड़ी राहत प्रदान की. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक नगर निगम संबंधित नोटिस के आधार पर कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं करेगा.

छह कारोबारियों ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

अपर बाजार के छह कारोबारियों प्रमोद कुमार अग्रवाल, अंजय सरावगी, राहुल शर्मा, अंकुर अग्रवाल, जितेश अग्रवाल और राम कुमार गुप्ता ने रांची नगर निगम की कार्रवाई को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है. याचिका में कहा गया कि नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस रद्द करने और व्यवसाय बंद करने का नोटिस जारी किया, जो कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है. याचिकाकर्ताओं ने अदालत से नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने और मामले की शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया था.

जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने दिया अंतरिम संरक्षण

मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुना. दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी छह कारोबारियों को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तिथि निर्धारित की है. तब तक नगर निगम एक अगस्त 2026 को उप नगर आयुक्त द्वारा जारी पत्र के आधार पर किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई नहीं कर सकेगा.

चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर इस मामले में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे. अदालत ने कहा कि नगर निगम अपना पक्ष रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करे, जिसके बाद मामले की आगे सुनवाई की जाएगी. अब इस मामले में नगर निगम के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.

तीन दिन में दुकान बंद करने की दी गई थी चेतावनी

गौरतलब है कि रांची नगर निगम ने अपर बाजार के इन कारोबारियों को नोटिस जारी कर उनका ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की जानकारी दी थी. साथ ही निर्देश दिया गया था कि वे तीन दिनों के भीतर स्वेच्छा से अपना व्यवसाय बंद कर दें. नोटिस में यह भी कहा गया था कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर दुकानें बंद नहीं की गईं तो नगर निगम की ओर से प्रतिष्ठानों को सील कर दिया जाएगा. इसी कार्रवाई को कारोबारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी.

अधिवक्ता देवेश अजमानी ने रखा कारोबारियों का पक्ष

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता देवेश अजमानी ने अदालत में पक्ष रखा. उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए और पर्याप्त अवसर दिए कारोबारियों के ट्रेड लाइसेंस रद्द करने तथा प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई उचित नहीं है. उन्होंने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान की.

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अभी यथास्थिति बनी रहेगी

हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल अपर बाजार के संबंधित छह कारोबारियों को राहत मिल गई है. अब 8 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक रांची नगर निगम इन कारोबारियों के खिलाफ नोटिस के आधार पर कोई दंडात्मक या सीलिंग की कार्रवाई नहीं कर सकेगा. इस मामले पर अब सभी की नजर हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और नगर निगम के जवाब पर टिकी रहेगी.

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लेखक के बारे में

By राणा प्रताप सिंह

राणा प्रताप सिंह पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता जगत से जुड़े हैं. प्रिंट के साथ-साथ डिजिटल में भी दस वर्ष का अनुभव है. जन सरोकार से जुड़ी खबरों में विशेष रूचि है.

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