झारखंड में DMFT के पैसे का गजब खेल : खदानें दे रहीं गांवों में 'टीबी', शहरों में 'साहब' के बंगले हो रहे चकाचक

Jharkhand DMFT Fund Misuse: झारखंड में डीएमएफटी (DMFT) फंड की बड़ी अनियमितता सामने आयी है. जहां माइनिंग प्रभावित 2000 पंचायतों में प्रदूषण से 32 हजार लोग टीबी के शिकार हैं, वहीं इस फंड का पैसा अधिकारियों के बंगलों और शहरों में जिम बनाने पर खर्च हो रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Jharkhand DMFT Fund Misuse, रांची (आनंद मोहन): झारखंड के लगभग 50 प्रतिशत पंचायत माइनिंग प्रभावित हैं. राज्य में कुल 4345 पंचायत हैं. ड्रिस्ट्रकी मिनरल फंड ट्रस्ट, डीएमएफटी द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के दो हजार पंचायतों को माइनिंग प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है. इन पंचायतों पर डीएमएफटी के फंड से काम को प्राथमिकता देने का प्रावधान हैं.

कितने फीसदी डीएमएफटी वसूलने का है प्रावधान

माइनिंग प्रभावित क्षेत्र में प्रदूषण सहित अन्य प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए खनिजों पर लगने वाले रायल्टी का 30 प्रतिशत डीएमएफटी के रूप में वसूलने का कानूनी प्रावधान है. इस राशि से इन क्षेत्रों में विकास का काम होना है. लेकिन सरकार की रिपोर्ट ही कुछ और बताती है. राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में 32 हजार से ज्यादा लोग टीबी के मरीज हैं. प्रदूषण का दंश यहां के लोग झेल रहे हैं. वहीं पंचायत की जगह शहरों में साहब के बंगले चमकाये जा रहे हैं और जीम बन रहे हैं. महालेखाकार ने भी इसपर आपत्ति जतायी है.

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शहर में सेहत के लिए 1.08 करोड़ के 24 जिम, साहब का बंगला हुआ चकाचक

बोकारो जिला में अक्तूबर 2019 में बोकारो स्टील प्लांट के विभिन्न सेक्टरों में 1.08 करोड़ की लागत पर 24 ओपेन जिम बनाने का टेंडर निपटाया गया. जनवरी 2020 तक जिम बनाये गये. बोकारो के उपायुक्त ने भुगतान का आदेश दिया. ग्रामीण इलाके प्रदूषण की मार झेल रहे, डीएमएफटी से शहरों की सेहत सुधारी जा रही है. जिम बनाने के लिए ग्रामसभा की सहमति भी नहीं ली गयी. चतरा और लोहरदगा जिले में उपायुक्तों द्वारा 1.15 करोड़ की लागत पर उपायुक्त कार्यालय और कलेक्ट्रेट भवन के जीर्णोद्धार और मरम्मत का काम कराया गया. एजी ने इस पर आपत्ति जतायी है. डीएमएफटी के पैसे से ही रांची जिले में 85.86 लाख रुपये की लागत से मैक्लुस्कीगंज में डाक बंगला बनाया गया.

प्रदूषण से कितने लोग हैं टीबी के शिकार

राज्य के 50 प्रतिशत पंचायत माइनिंग से प्रभावित हैं. इनमें ज्यादात्तर पंचायत शिड्यूल एरिया में हैं. माइनिंग से होने वाले प्रदूषण के कारण टीबी सहित दूसरी बीमारियां होती हैं. इन इलाकों में 32 हजार से ज्यादा टीबी के मरीज हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार इंडिया टीबी रिपोर्ट में विभिन्न राज्यों में टीबी मरीजों से जुड़ी जानकारी दी गयी है. भारत सरकार द्वारा तैयार इस रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में टीबी के कुल 63,137 मरीज बताये गये हैं. 42 हज़ार के कुछ अधिक पुरुष और 20 हज़ार से अधिक महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित हैं. इन मरीजों का इलाज चल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 32,993 मरीज राज्य के अनुसूचित जिले में हैं. ज्यादात्तर शिड्यूल जिले माइनिंग क्षेत्र में हैं. इन पंचायतों में वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मिट्टी का प्रदूषण हो रहा.

माइनिंग के प्रभावित पंचायत

जिलाप्रभावित
धनबाद244
चाईबासा200
बोकारो180
हजारीबाग120
साहेबगंज100
पाकुड़100
चतरा100
दुमका98
सरायकेला97
जमशेदपुर90
गढ़वा90
रामगढ़86
पलामू86
कोडरमा85
गोड्डा60
गिरिडीह59
जामताड़ा50
देवघर47
खूंटी28
सिमडेगा20
लातेहार20
गुमला13
लोहरदगा10

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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