विधानसभा में गूंजा JTET का मुद्दा: विधायक दशरथ गागराई बोले- 2016 से परीक्षा नहीं, युवाओं का भविष्य दांव पर

MLA Dashrath Gagrai: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं और पुलिस सेवादारों की आवाज बुलंद की. उन्होंने शून्यकाल के माध्यम से सरकार को याद दिलाया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत हर साल JTET का आयोजन अनिवार्य है, लेकिन झारखंड में 2016 के बाद से यह परीक्षा नहीं हुई है, जिससे एक लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं.

MLA Dashrath Gagrai, सरायकेला, (शचिंद्र कुमार दाश): खरसावां से झामुमो विधायक दशरथ गागराई ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) शीघ्र आयोजित करने की मांग की है. उन्होंने शनिवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए कहा कि वर्ष 2016 के बाद से अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया है. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत इसका आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाना अनिवार्य है.

एक लाख से अधिक अभ्यर्थी कर रहे परीक्षा का इंतजार

विधायक ने कहा कि वर्तमान में झारखंड राज्य के एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. परीक्षा नहीं होने से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन अविलंब कराया जाये.

सरायकेला-खरसावां जिले के 42 एसपीओ को मानदेय नहीं मिलने का मामला भी उठा

खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने सरायकेला-खरसावां जिले में खुफिया कार्य में लगे 42 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) को पिछले दो वर्षों से मानदेय नहीं मिलने का मामला भी विधानसभा में उठाया. यह मामला विधायक द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्न के माध्यम से सदन में रखा गया.

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फरवरी 2024 तक मानदेय भुगतान की जानकारी

विधायक के प्रश्न के जवाब में गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया कि सरायकेला-खरसावां जिले में कार्यरत 42 एसपीओ को फरवरी 2024 तक के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है.

लेगेसी एंड ट्रस्ट डिस्ट्रिक्ट घोषित होने से फंसा मामला

गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सरायकेला-खरसावां जिले को 1 अप्रैल 2024 से लेगेसी एंड ट्रस्ट डिस्ट्रिक्ट (Legacy & Thrust Districts) की श्रेणी में शामिल किया गया है. इसके बाद 1 अगस्त 2024 को निर्गत पत्र में स्पष्ट किया गया कि इस श्रेणी में शामिल जिलों के एसपीओ के लिए मानदेय का कोई प्रावधान नहीं है.

मार्च से जुलाई 2024 तक का मानदेय लंबित

बताया गया कि तत्कालीन एसपीओ का मार्च 2024 से जुलाई 2024 तक का मानदेय भुगतान अब भी शेष है. इस स्थिति को लेकर विधायक ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की.

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Published by: Sameer Oraon

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