रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand Clerk Transfer, रांची : झारखंडे के माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने राज्य के शिक्षा कार्यालयों में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर एक बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने वैसे सभी लिपिकों (क्लर्कों) को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने का निर्देश दिया है, जो किसी एक कार्यालय में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से लगातार पदस्थापित हैं. इस संबंध में निदेशक ने राज्य के सभी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशकों (आरजेडडीई) को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है. इस पत्र के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत कार्यरत लिपिकों के स्थानांतरण, पदस्थापन (पोस्टिंग) और प्रतिनियोजन (डेप्यूटेशन) को लेकर स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
प्रतिनियुक्ति को लेकर तय हुए कड़े नियम
निदेशक राजेश प्रसाद ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी लिपिक की प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) दोबारा वैसे कार्यालय में कतई नहीं की जाएगी, जहां उसकी कुल पदस्थापन या प्रतिनियुक्ति अवधि पहले ही तीन वर्ष या उससे अधिक रह चुकी हो. हालांकि, इसमें स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के मुख्य कार्यालय में की गयी प्रतिनियुक्ति को एक अपवाद माना जाएगा. इसके अलावा, जिलों में लंबे समय से जमे बाबुओं के लिए भी कड़ा फॉर्मूला तय किया गया है. नए नियम के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों के सेवाकाल के दौरान यदि कोई लिपिक कुल मिलाकर आठ वर्ष (प्रतिनियुक्ति की अवधि जोड़कर) किसी एक ही जिले में कार्यरत रहा हो, तो उसे अब प्रमंडल के किसी दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. इसी तरह, जो लिपिक पिछले छह वर्षों से लगातार एक ही जिले में पदस्थापित हैं, उन्हें भी अनिवार्य रूप से प्रमंडल के अन्य जिलों में भेजा जाएगा.
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निदेशक ने दिए अक्षरश: अनुपालन के आदेश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशकों को हिदायत दी है कि विभाग द्वारा दिए गए इन सभी निर्देशों का अक्षरश: (पूरी तरह से) और अविलंब अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. इस ट्रांसफर नीति को लागू करने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आदेश को पूरी गंभीरता से लागू कराने के लिए निदेशक ने समय-सीमा भी तय कर दी है. उन्होंने साफ कहा है कि इस पूरे स्थानांतरण अभियान की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट (कम्प्लायंस रिपोर्ट) अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में निदेशालय को उपलब्ध करायी जाए. इस फैसले से राज्य के शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में बड़े पैमाने पर फेरबदल होना तय माना जा रहा है.
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