Jharkhand Cabinet Meeting, रांची (सुनील चौधरी की रिपोर्ट): झारखंड सरकार के नये वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली कैबिनेट बैठक आगामी 15 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली यह उच्चस्तरीय बैठक रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में दोपहर तीन बजे से प्रारंभ होगी. कैबिनेट सचिवालय ने बैठक की आधिकारिक सूचना जारी कर दी है. विभिन्न विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर समयसीमा के भीतर भेजें, ताकि उन्हें कैबिनेट के समक्ष विचार में लाया जा सके.
बजट घोषणाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर मुहर
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य बजट के दौरान घोषित की गई महत्वाकांक्षी योजनाओं को विधिवत मंजूरी देना है. सरकार विशेष रूप से ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, शिक्षा में सुधार और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर गंभीर मंथन कर सकती है. अधिकारियों को स्पष्ट संदेश है कि बजट की घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें क्रियान्वित करने के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए.
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क्रियान्वयन और निगरानी की नई रणनीति
कैबिनेट बैठक में केवल नई योजनाओं की स्वीकृति ही नहीं, बल्कि उनके प्रभावी कार्यान्वयन (Execution) पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा. सरकार की रणनीति है कि बजट सत्र के दौरान किए गये वादों को मिशन मोड में धरातल पर उतारा जाए. इसके लिए विभागवार समीक्षा और योजनाओं की निगरानी (Monitoring) के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर चर्चा होगी. मुख्यमंत्री सोरेन का जोर इस बात पर है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे और कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो.
प्रशासनिक समीक्षा और निगरानी व्यवस्था पर जोर
बैठक के मद्देनजर प्रोजेक्ट भवन में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं. मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के सचिवों द्वारा कैबिनेट के लिए भेजे जाने वाले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जा रहा है. सरकार चाहती है कि वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय ले लिए जाएं, ताकि पूरे वर्ष विकास की गति निरंतर बनी रहे. जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में इस कैबिनेट बैठक को बेहद निर्णायक माना जा रहा है.
