झारखंड कैबिनेट की बैठक 15 अप्रैल को, राज्य वित्त आयोग के विस्तार पर हो सकता है बड़ा फैसला

Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड सरकार नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने विजन को धरातल पर उतारने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 15 अप्रैल को कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में राज्य वित्त आयोग के कार्यकाल विस्तार से लेकर पंचायतों को मिलने वाले फंड की अनुशंसाओं पर चर्चा होगी.

Jharkhand Cabinet Meeting, रांची (सुनील चौधरी की रिपोर्ट): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार, 15 अप्रैल को राज्य कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. इसे नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली औपचारिक कैबिनेट बैठक माना जा रहा है, जिसमें सरकार आगामी वर्ष के विकास लक्ष्यों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर विचार करेगी. सचिवालय स्तर पर इस बैठक के एजेंडे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और माना जा रहा है कि इसमें कई लोक-लुभावन और नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है.

वित्त आयोग के कार्यकाल विस्तार पर संशय होगा खत्म

बैठक का एक प्रमुख एजेंडा झारखंड राज्य वित्त आयोग को अवधि विस्तार देना हो सकता है. सूत्रों के अनुसार, आयोग का कार्यकाल हाल ही में समाप्त हो गया है, जिससे वित्तीय अनुशंसाओं की निरंतरता पर सवाल उठ रहे थे. ऐसे में सरकार आयोग के पुनर्गठन या वर्तमान सदस्यों को ही विस्तार देने पर निर्णय ले सकती है. ज्ञात हो कि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एपी सिंह की अध्यक्षता वाले इस तीन सदस्यीय आयोग ने पिछले दो वित्तीय वर्षों के लिए अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसके आधार पर पंचायतों को बजट आवंटित किया गया था.

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पंचायतों के लिए आवंटन और अनुशंसाओं की भूमिका

राज्य वित्त आयोग की भूमिका पंचायतों और स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही है. भारत सरकार द्वारा पंचायतों को दिया जाने वाला वित्तीय आवंटन इसी आयोग की अनुशंसाओं पर आधारित होता है. आयोग में अध्यक्ष के अतिरिक्त सदस्य हरीश्वर दयाल और पंचायती राज निदेशक शामिल रहे हैं. ग्रामीण विकास की गति को बनाए रखने के लिए इस आयोग के कार्यकाल को आगे बढ़ाना सरकार के लिए एक तकनीकी आवश्यकता भी है.

कोर्ट के आदेशों और प्रशासनिक सुधारों पर जोर

कैबिनेट की इस बैठक में केवल वित्तीय मामले ही नहीं, बल्कि न्यायालय से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा होगी. विभिन्न अदालतों द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन और कानूनी पेचीदगियों से जुड़े प्रस्तावों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है. इसके अलावा, कई विभागों के लंबित विकास कार्यों और नई नियुक्तियों से संबंधित चर्चा भी संभव है. बैठक के बाद लिए गए निर्णयों का सीधा असर राज्य की जनता और विकास की रफ्तार पर पड़ेगा.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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