रांची से सुनील कुमार झा की रिपोर्ट
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के वित्त पदाधिकारी राजेश कुमार व शैक्षिक पदाधिकारी प्रशांत पांडेय की योग्यता/अर्हता उनके पद के लिए निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं है. यह जानकारी जैक ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेजे गये पत्र में दी है. ज्ञात हो कि शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों जैक से इस संबंध में जानकारी मांगी थी.
चार साल बाद जैक ने नियुक्ति पर दी जानकारी
उल्लेखनीय है कि पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर वर्ष 2022 में विधायक जय प्रकाश भाई पटेल ने सवाल पूछा था. इस संबंध में विभागीय मंत्री द्वारा दिये गये आश्वासन के आलोक में की गयी कार्रवाई को लेकर विधानसभा ने शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी थी. इसके बाद विभाग ने जैक से पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर की गयी कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी थी. अब जैक की ओर से लगभग चार वर्ष बाद इस संबंध में जानकारी दी गयी है.
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पूर्णकालिक नियुक्ति नहीं, योग्यता पर भी उठे सवाल
विभाग द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि जैक में परीक्षा नियंत्रक, एकेडमिक ऑफिसर व वित्त पदाधिकारी का पूर्णकालिक पद स्वीकृत है. लेकिन, इन पदों पर पूर्णकालिक नियुक्ति नहीं की गयी है. वर्ष 2015 में संविदा आधारित नियुक्ति को लेकर विज्ञापन जारी किया गया था. वर्ष 2016 जनवरी में इंटरव्यू के आधार पर नियुक्ति की गयी एवं उनसे वर्तमान में कार्य लिया जा रहा है. जैक ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल अधिनियम एवं प्रकाशित विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पदाधिकारी वांछित योग्यता/अर्हता धारण नहीं करते थे. इन पदों पर नयी नियुक्ति को लेकर वर्ष 2022 में आवेदन विज्ञापन जारी किया गया था. इसके विरुद्ध शैक्षिक पदाधिकारी ने झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दायर की. जिसमें कोर्ट ने बिना अनुमति के पद से नहीं हटाने की बात कही थी. इस मामले में बाद में वित्त पदाधिकारी ने भी याचिका दायर की. कोर्ट ने दोनों मामलों को आपस में टैग कर दिया. ऐसे में काेर्ट में लंबित मामला के निष्पदान के बाद पूर्णकालिक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
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