रांची में कैट की स्थायी बेंच गठन के मामले में हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

रांची में कैट की स्थायी बेंच की मांग को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि पिछली सुनवाई के अनुरूप कार्रवाई क्यों नहीं हुई. मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की गई है.

राणा प्रताप सिंह

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की रांची में स्थायी पीठ की स्थापना को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस सोनक व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष सुना. केंद्र का पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि पूर्व की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से बताया गया था कि रांची में कैट की स्थायी बेंच स्थापित करने से जुड़ी संचिका विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है. शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है.

20 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

खंडपीठ ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा विधि व न्याय मंत्रालय के सचिव को शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने मामले में 14 अगस्त तक यह बताने को कहा है कि अपने पिछले स्टैंड के अनुरूप कार्य क्यों नहीं किया, जबकि राज्य सरकार की ओर से दो एकड़ जमीन भी दे दी गयी है. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने एक पत्र का हवाला देते हुए बताया कि रांची में कैट की स्थायी बेंच स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यहां ऐसे केस की संख्या कम है.

जनहित याचिका हुई थी दायर

उल्लेखनीय है कि प्रार्थी प्रदीप कुमार ने जनहित याचिका दायर की है. प्रार्थी ने कहा है कि कैट की स्थायी बेंच पटना में है. रांची में इसका सर्किट बेंच समय-समय पर बैठता है. पटना की तरह रांची में भी कैट का स्थायी बेंच बनाने की मांग की गयी है.

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By Amleshnandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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