एमपी-एमएलए की स्पेशल कोर्ट में पेश नहीं हुए हेमंत सोरेन, 12 दिसंबर को हाजिर होंगे?

Hemant Soren News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी के समन की अवहेलना मामले में शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर नहीं हुए. वह मोरहाबादी में आयोजित झारखंड सरकार के एक वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया. एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज सार्थक शर्मा ने सुनवाई की अगली तारीख 12 दिसंबर मुकर्रर कर दी.

Hemant Soren News: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन का उल्लंघन करने के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए. झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी से दी गयी राहत गुरुवार को वापस ले ली थी. इसके बाद सोरेन को 28 नवंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज सार्थक शर्मा की अदालत में पेश होना था. कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर 2025 को होगी.

सरकार के एक साल पूरा होने के जश्न में शामिल हुए सीएम

झारखंड में महागठबंधन सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर 28 नवंबर को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. सीएम हेमंत सोरेन उस कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने 9,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया.

2023 में हेमंत सोरेन को ईडी ने भेजे थे कई समन

हेमंत सोरेन को वर्ष 2023 में राजधानी रांची में कथित जमीन घोटाला मामले में कई बार समन जारी किया गया था. ईडी उनसे पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन हेमंत सोरेन ने केंद्रीय जांच एजेंसी के समन की अनदेखी की. बार-बार नोटिस देने के बाद भी झारखंड के सीएम जांच में शामिल नहीं हुए, तो ईडी ने कोर्ट का रुख किया था.

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Hemant Soren News: 27 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत को किया खत्म

एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने मुख्यमंत्री को ईडी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया था. स्पेशल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ रहेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी. 27 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने इस अंतरिम राहत को खत्म कर दिया.

हेमंत सोरेन को भेजे गये थे 10 समन

  • पहला समन 8 अगस्त 2023 को भेजा गया, 14 अगस्त को हाजिर होने का था निर्देश
  • दूसरा समन 19 अगस्त 2023 को भेजा गया , 24 अगस्त को हाजिर होने का था निर्देश
  • तीसरा समन 1 सितंबर 2023 को भेजा गया, 9 सितंबर को हाजिर होने का था निर्देश
  • चौथा समन 17 सितंबर 2023 को भेजा गया, 23 सितंबर को हाजिर होने का था निर्देश
  • पांचवां समन 26 सितंबर 2023 को भेजा गया, 4 अक्टूबर को हाजिर होने का था निर्देश
  • छठा समन 11 दिसंबर 2023 को भेजा गया, 12 दिसंबर को हाजिर होने का है निर्देश
  • सातवां समन 29 दिसंबर 2023 को भेजा गया, पूछताछ के लिए समय और जगह खुद तय करने को कहा
  • आठवां समन 13 जनवरी 2024 को भेजा गया, 16-20 जनवरी तक बयान दर्ज कराने का समय
  • 20 जनवरी 2024 को हुई सीएम से पहली बार पूछताछ
  • नौवां समन 25 जनवरी 2024 को भेजा गया, पूछताछ के लिए 27 से 31 जनवरी का समय
  • दसवां समन 27 जनवरी 2024 को भेजा गया है, बयान दर्ज कराने के लिए 29-31 जनवरी तक का समय

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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