रांची : बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, बरियातू में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक दिवस का आयोजन उत्साह, गरिमा और उल्लास के साथ किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान की निदेशिका डॉ. दर्शना गोपा मिंज उपस्थित रहीं. समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि और प्राध्यापकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन और शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ. इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन दर्शन और शिक्षक दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर अपने विचार रखे. विद्यार्थियों ने कहा कि माता-पिता के बाद व्यक्ति के जीवन का सर्वांगीण विकास करने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है.
शिक्षक ही समाज और छात्र के बीच की मुख्य धुरी: डॉ. दर्शना गोपा मिंज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान की निदेशिका डॉ. दर्शना गोपा मिंज ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षक और समाज के बीच एक गहरा संबंध होता है, एक शिक्षक ही छात्रों को समाज से जोड़ने और उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाने की धुरी होता है. वहीं, प्रोफेसर नागमणि सिंह ने शिक्षक और छात्र के रिश्ते को दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता करार देते हुए कहा कि माता-पिता की तरह एक शिक्षक का प्रयास भी पूरी तरह निस्वार्थ होता है, जिसका एकमात्र लक्ष्य विद्यार्थी को सफलता के शिखर पर पहुंचाना है.
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कानून पढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती, परिसर में हुआ पौधरोपण
प्रोफेसर गरिमा प्रिया ने कानून (Law) की शिक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि कानून पढ़ाना, इसे पढ़ने से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है. एक लॉ कॉलेज का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार वकीलों का निर्माण करना है जो आगे चलकर समाज और न्याय व्यवस्था की सेवा करेंगे. समारोह के अंतिम चरण में केक काटा गया और विशेष 'वृक्षारोपण अभियान' (Tree Plantation Drive) चलाया गया. इसके तहत निदेशिका, प्रोफेसरों और विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.
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