रांची. जयप्रकाश जनता दल के राष्ट्रीय सचिव पंकज मिश्र ने देश में सरकारी स्कूलों की घटती संख्या को लेकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास उसकी शिक्षा व्यवस्था के मानकों और परिणाम से जुडा होता है. ऐसे में सरकारी स्कूलों की संख्या में लगातार कमी चिंता का विषय है.
राष्ट्रीय सचिव पंकज मिश्र ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 में देश में 11.07 लाख सरकारी स्कूल थे, जबकि 2024-25 में इनकी संख्या घटकर करीब 10.13 लाख रह गयी. यानी एक दशक में सरकारी स्कूलों की संख्या में करीब 94 हजार की कमी आयी है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस बदलाव के कारणों और इसके शिक्षा पर पडने वाले प्रभाव को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआइएसइ) और नीति आयोग के आंकडे सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चर्चा की जरूरत को सामने रखते हैं. उनके अनुसार, स्कूलों की संख्या में कमी के साथ सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गयी है.
पंकज मिश्र ने कहा कि भारत खुद को विश्व गुरु बनाने की बात करता है, ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की.
