झारखंड में देश का पहला खेल विश्वविद्यालय होगा

रांची: देश में पहली बार झारखंड में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया. इसके लिए बुधवार को होटल बीएनआर में राज्य सरकार और सीसीएल के बीच एमओयू हुआ. एमओयू पर सीसीएल की ओर से सीएम (सीएसआर) जी तिवारी और राज्य की ओर से खेल सचिव अविनाश कुमार ने हस्ताक्षर किये. इस दौरान […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 18, 2015 6:25 AM
रांची: देश में पहली बार झारखंड में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया. इसके लिए बुधवार को होटल बीएनआर में राज्य सरकार और सीसीएल के बीच एमओयू हुआ. एमओयू पर सीसीएल की ओर से सीएम (सीएसआर) जी तिवारी और राज्य की ओर से खेल सचिव अविनाश कुमार ने हस्ताक्षर किये. इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास और सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह मौजूद थे. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इस राज्य में एकलव्य की कमी नहीं है. कमी थी, एक द्रोणाचार्य की. द्रोणाचार्य की कमी यह संस्थान पूरा करेगा. यह संस्थान झारखंड के लिए वरदान होगा.राज्य में 1.32 करोड़ युवा हैं. यह उनके सपनों का संस्थान होगा. यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा दी जायेगी.
देश के लिए गौरव की बात : मौके पर मौजूद खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा : यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है. देश में पहली बार खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है. राज्य में इसका वल्र्ड क्लास इंफ्रास्ट्रर होगा. इसका फायदा यहां के खिलाड़ियों को मिलना चाहिए. यहां के खिलाड़ियों में क्षमता की कमी नहीं है. इन्हें प्रशिक्षण देकर उच्च स्तर तक पहुंचाया जा सकता है. जो खिलाड़ी खेल में अपनी उम्र गुजार दे रहे हैं, उनके लिए रोजगार की व्यवस्था भी होनी चाहिए.
आधारभूत संरचना का हो पायेगा रखरखाव : मुख्य सचिव राजीव गौबा ने कहा : 2011 में राष्ट्रीय खेल के समय आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया था. इसका उपयोग यदा-कदा ही हो रहा था. इसके रखरखाव के लिए कोई दीर्घकालीन व्यवस्था नहीं थी. इस कारण इसकी गुणवत्ता भी गिर रही थी. इस समझौते से रखरखाव हो पायेगा. प्रतिभा संवारने का काम भी हो पायेगा.
देश के लिए उदाहरण बनेगा : सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रयास किया जायेगा कि कैसे खेल के माध्यम से गरीब ग्रामीणों का विकास हो. पूरे देश में ऐसा समझौता नहीं हुआ था. पहली बार ऐसा हुआ है. इसे देश का सबसे बेहतरीन संस्थान बनाया जायेगा. धन्यवाद ज्ञापन राज्य के खेल सचिव अविनाश कुमार ने किया.
ये भी थे मौजूद
कांके के विधायक जीतू चरण राम, बड़कागांव की विधायक निर्मला देवी, राजमहल विधायक अनंत ओझा, मेयर आशा लकड़ा, सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार, सीसीएल के निदेशक कार्मिक आरएस महापात्र, निदेशक तकनीकी पीके तिवारी, निदेशक वित्त डीके घोष, सीवीओ अरविंद प्रसाद भी मौजूद थे.
क्या शर्ते हैं एमओयू में
संयुक्त परियोजना कमेटी बनायी जायेगी. इसमें झारखंड खेल प्राधिकरण की भागीदारी 26 से 49} तक होगी
15 खेल विधाओं की खेल अकादमी की स्थापना की जायेगी
1400 विद्यार्थियों का नामांकन होगा. 700 प्रतियोगिता से आयेंगे. शेष 700 में 350 राज्य सरकार और 350 सीसीएल से चयनित बच्चे होंगे. इनका खर्च राज्य सरकार व सीसीएल उठायेंगे
लाभ में सरकार को हिस्सा मिलेगा. हानि की भरपाई भी सरकार करेगी
एकेडमी में नामांकन पानेवाले बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय की भी स्थापना होगी
संचालन के लिए प्रशासी परिषद का गठन होगा. इसके अध्यक्ष सह संरक्षक मुख्य सचिव होंगे. सह संरक्षक सीसीएल के सीएमडी होंगे
कार्यकारिणी परिषद का गठन भी किया जायेगा. अध्यक्ष खेलकूद व कला संस्कृति विभाग के सचिव होंगे
50} राज्य के बच्चे होंगे. इनको वसूलनीय शुल्क में 50} की छूट मिलेगी. शेष 50} विद्यार्थियों का चयन पूरे देश से होगा
स्थापना में प्रारंभिक व्यय सीसीएल के सीएसआर फंड से होगा
अकादमी में नामांकन लेनेवाले बच्चों को प्लस टू तक की शिक्षा दी जायेगी
बच्चों को 500 रु प्रतिमाह स्टाइपेंड