Jharkhand School : नये साल में बदलेगी तस्वीर, इस साल झारखंड के सरकारी स्कूल होंगे चकाचक

Jharkhand School : झारखंड के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प होगा. 2582 करोड़ खर्च होंगे. मुख्य सचिव ने सभी जिलों के डीसी को पत्र लिखा. शिक्षा विभाग ने स्कूलों की आवश्यकता का आकलन कराया था. शौचालय, बिजली और पेयजल की व्यवस्था अपटूडेट होगी.

By Amitabh Kumar | January 1, 2026 8:09 AM

Jharkhand School : (सुनील कुमार झा) नये साल में झारखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने की रणनीति बनायी है. राज्य के सरकारी स्कूलों को आवश्यकता अनुरूप संसाधनयुक्त बनाया जायेगा. इसे लेकर लगभग 2582 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इसकी विस्तृत कार्ययोजना भी बनायी गयी है. राज्य में जिलावार स्कूलों में आवश्यक संसाधन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गयी है. इसमें स्कूलों में शौचालय, बिजली, भवन, अतिरिक्त वर्ग कक्ष, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शौचालय, भवनहीन विद्यालयों के लिए नये भवन और स्कूलों का आवश्यकता अनुरूप मरम्मत कार्य शामिल है. इस संबंध में मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों के उपायुक्त को पत्र लिखा है.

मिशन मोड में होगा कार्य, बदलेगी तस्वीर

सरकार अगले तीन वर्षों में मिशन मोड में स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से संसाधनयुक्त करेगी. जिलों को भी कार्ययोजना भेजी गयी है. इसके तहत अलग-अलग निर्माण कार्य के लिए यूनिट कॉस्ट का निर्धारण झारखंड शिक्षा परियोजना के तकनीकी कोषांग ने किया है. स्कूलों में होनेवाले कार्य को लेकर प्रक्रिया का निर्धारण भी किया गया है.

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के अभियंत्रण कोषांग द्वारा भौतिक सत्यापन के आधार पर डीपीआर तैयार किया जायेगा. डीपीआर की सक्षम प्राधिकार से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति ली जायेगी. जिला स्तर पर समग्र शिक्षा की टीम कार्य का अनुश्रवण करेगी. राज्य स्तर पर विभागीय टीम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा.

डीएमएफटी, सीएसआर और अनटाइड फंड होंगे खर्च

स्कूलों को संसाधनयुक्त करने के लिए जिले में उपलब्ध डीएमएफटी, सीएसआर और अनटाइड फंड की राशि खर्च की जायेगी. जिन जिलों में अपेक्षित राशि नहीं मिलेगी, वहां शेष आवश्यकता राज्यस्तरीय संसाधनों से पूरी की जायेगी. राज्य के 12 जिलों में डीएमएफटी मद में पर्याप्त राशि उपलब्ध है. इन जिलों में राशि खर्च करने को लेकर निर्धारित प्रावधान का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी की जायेगी. जिन 12 जिलों में डीएमएफटी मद में पर्याप्त राशि नहीं है, वहां समग्र शिक्षा/राज्य योजना आदि के माध्यम से योजना निर्माण कर शिक्षा विभाग से राशि की मांग की जा सकती है.

झारखंड के स्कूलों में होने वाले कार्य

क्रमकार्य का प्रकारसंख्याअनुमानित खर्च
1जिन स्कूलों में शौचालय नहीं हैं23422 करोड़
2लड़कों के शौचालय (उपयोग लायक नहीं)140621 करोड़
3लड़कियों के शौचालय (उपयोग लायक नहीं)107316 करोड़
4विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शौचालय13699726 करोड़
5जिन स्कूलों में बिजली नहीं है474917 करोड़
6जिन स्कूलों में बिजली व्यवस्था उपयोग लायक नहीं534519 करोड़
7जिन स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं41024 करोड़
8जिन स्कूलों में रैंप नहीं हैं793340 करोड़
9जिन स्कूलों में हैंडरेल्स नहीं हैं1012330 करोड़
10अतिरिक्त क्लासरूम की आवश्यकता4754954 करोड़
11स्कूलों में मरम्मत कार्य की आवश्यकता19111681 करोड़
12नए स्कूल भवन की आवश्यकता2931 करोड़

शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूलों की आवश्यकता का आकलन कराया था. इसके आधार पर सरकार को कार्ययोजना सौंपी गयी थी. उन विद्यालयों को चिह्नित किया गया है, जिनमें पेयजल, शौचालय और बिजली समेत अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता थी. इन स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से संसाधनयुक्त करने का निर्णय लिया गया है.
उमाशंकर सिंह, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग