रांची में डीएसपीएमयू शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन, आज कामकाज ठप

Ranchi Strike: रांची के डीएसपीएमयू में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन तेज हो गया है. प्रशासन से वार्ता बेनतीजा रही. विश्वविद्यालय के अधिकांश कार्यालयों में कामकाज ठप है. परीक्षा, अकाउंट और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं. तीसरे दिन से आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी काम नहीं करने दिया जाएगा. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

Ranchi Strike: झारखंड की राजधानी रांची में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन और तेज हो गया. लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी 16 फरवरी से काली पट्टी बांधकर पेन डाउन आंदोलन कर रहे हैं. इस आंदोलन का आह्वान शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ की ओर से किया गया है.

प्रशासन से वार्ता बेनतीजा

मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई. कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही. संघ की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

तीसरे दिन से आउटसोर्सिंग कर्मियों पर भी असर

कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि आंदोलन के तीसरे दिन से आउटसोर्सिंग कर्मियों को भी कार्य नहीं करने दिया जाएगा. इससे विश्वविद्यालय का पूरा प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हो सकता है. संघ का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं निकला. ऐसे में अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है.

विश्वविद्यालय में व्यापक असर

आंदोलन का असर विश्वविद्यालय के लगभग सभी कार्यालयों में साफ दिखाई दे रहा है. मंगलवार को दूसरे दिन भी अधिकांश विभागों में कामकाज ठप रहा. टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) और माइग्रेशन से जुड़े सीमित कार्यों को छोड़कर अन्य प्रशासनिक कार्य नहीं हो सके. स्नातक और स्नातकोत्तर विभागों से संबंधित फाइलों का निष्पादन प्रभावित रहा. परीक्षा शाखा में जरूरी दस्तावेजों पर कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे रिजल्ट प्रकाशन, प्रमाण पत्र निर्गमन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं अटक गई हैं. अकाउंट सेक्शन में भी वित्तीय कार्य बाधित रहे.

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रजिस्ट्रार और कुलपति कार्यालय भी प्रभावित

आंदोलन की वजह से रजिस्ट्रार कार्यालय और कुलपति कार्यालय में भी नियमित गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं. विद्यार्थियों और अभिभावकों को जरूरी काम के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर और गहरा असर पड़ सकता है. फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच संभावित अगली वार्ता पर टिकी हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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