रांची : टीपीसी के लिए लेवी ले रहे हैं सीसीएल कर्मचारी

Updated at : 19 Sep 2019 9:19 AM (IST)
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रांची : टीपीसी के लिए लेवी ले रहे हैं सीसीएल कर्मचारी

रांची : चतरा के कोल परियोजनाओं में सीसीएल कर्मी और परियोजना के सेल्स इंचार्ज उग्रवादी संगठन टीपीसी के लिए लेवी की वसूली करते हैं. ये लोग विस्थापन समिति और कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन के नाम पर वसूली करते हैं और लेवी का बड़ा हिस्सा टीपीसी उग्रवादियों तक पहुंचाते हैं. इस बात का खुलासा वसूली गयी […]

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रांची : चतरा के कोल परियोजनाओं में सीसीएल कर्मी और परियोजना के सेल्स इंचार्ज उग्रवादी संगठन टीपीसी के लिए लेवी की वसूली करते हैं. ये लोग विस्थापन समिति और कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन के नाम पर वसूली करते हैं और लेवी का बड़ा हिस्सा टीपीसी उग्रवादियों तक पहुंचाते हैं. इस बात का खुलासा वसूली गयी लेवी के साथ धनराज सिंह भोक्ता और छापेमारी के दौरान घर में मौजूद विगन भोक्ता ने पूछताछ में किया है.
विगन भोक्ता के घर पर स्पेशल टास्क फोर्स ने छापेमारी की थी. उसने पूछताछ में बताया है कि टीपीसी के ब्रजेश गंझू, आक्रमण एवं अन्य के संरक्षण में पिपरवार थाना अंतर्गत अशोका, पिपरवार एवं पुरनाडीह कोल परियोजना में विस्थापित ग्रामीण संचालन समिति का गठन किया गया है.
जिसमें ग्रामीण बेंती, विजनटोला, न्यू मंगरदाहा, सरैया ठेठांगी, सरैया के कुछ व्यक्ति अशोक कोल परियोजना में, ग्राम कल्याणपुर, बहेरा, राजधर के कुछ व्यक्ति पिपरवार कोल परियोजना में और ग्राम पुरनाडीह, जामडीह, एकराडीहगड़ा व कठौन के कुछ व्यक्ति पुरनाडीह कोल परियोजना में संचालन समिति में शामिल किया गया है. संचालन समिति के सदस्य कोल परियोजना से जुड़े कोल व्यवसायी, डीओ होल्डर और ट्रांसपोर्टर इत्यादि से टीपीसी उग्रवादी संगठन का भय दिखाकर रंगदारी के रूप में प्रति टन 130 रुपये लेते हैं.
टीपीसी तक पहुंचता है बड़ा हिस्सा : दोनों ने यह भी बताया है कि वसूली का बड़ा हिस्सा टीपीसी के उग्रवादियों को पहुंचाया जाता है. हालांकि संचालन समिति के सदस्य भी रुपये को आपस में बांट लेते हैं. विनय खलखो के संबंध में ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी है कि वह उग्रवादियों के संरक्षण में संचालन समिति के नाम पर अवैध तरीके से लेवी की वसूली करता है.
बरवाडीह गांव निवासी धनराज भोक्ता उर्फ मिठू ने पूछताछ में बताया है कि कांटा घर में वाहनों का कांटा होने के बाद जब लोडिंग के लिए वाहनों को भेजा जाता है, तो उसके पहले विस्थापित ग्रामीण विजमैन संचालन समिति या कोल फील्ड लोडर एसोसिएशन को एक हजार रुपये वाहन मालिक देता है. रुपये नहीं देने पर कोयला लोड नहीं होने दिया जाता है.
जेल में बंद उग्रवादी के नाम पर भी होती है वसूली: दोनों ने यह भी बताया कि विनय सिंह, महेश एवं राजेश गंझू के द्वारा संचालन समिति के नाम पर कोयला व्यवसायी से लेवी की वसूली की जाती है. वहीं, जेल में बंद रोहन गंझू और राजेश गंझू के नाम पर भी लेवी की वसूली की जाती है.
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